News Addaa WhatsApp Group Join करें

आप भी जानिये हजुर!! 21 जून है एक खास दिन एक पल के लिये आपकी परछाई हो जाएगी गायब आइये क्या है मामला जानने के लिये पढ़े खबर

Surendra nath Dwivedi

Reported By:

Jun 12, 2020  |  2:25 AM

1,480 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
आप भी जानिये हजुर!! 21 जून है एक खास दिन एक पल के लिये आपकी परछाई हो जाएगी गायब आइये क्या है मामला जानने के लिये पढ़े खबर WhatsApp
Responsive image

आप भी जानिये हजुर!!21 जून को है खास दिन, एक पल के लिए आपकी  परछाई हो जाएगी गायब.

आपके लिए और..- तमकुही रोड स्टेशन पर यात्री को गोली मारने का एक...

आने वाला 21 जून का दिन अपने आप में बहुत खास है। इस दिन सूर्य ग्रहण तो है ही, जो अपने आप में दुर्लभ प्रकार का है। इस दिन इंटरनेशनल योगा डे भी है। लेकिन इसके अलावा एक और कारण से यह दिन विशेष है। 21 जून को कुछ ऐसा होगा कि कुछ पलों के लिए आपका साया आपका साथ छोड़ देगा। यह एक खगोलीय घटना होगी जिसके हजारों लोग साक्षी बनेंगे। इसके बाद से मौसम में भी बदलाव शुरू हो जाएगा। ऐसा क्‍यों होगा और इसका हमारे जीवन पर क्‍या असर पड़ेगा, आइये विस्‍तार से जानते हैं।

साल का सबसे बड़ा दिन

21 जून, 2020 रविवार साल का सबसे बड़ा दिन होगा। इस दिन दोपहर के समय एक क्षण ऐसा भी आएगा जब आपकी परछाई आपका साथ छोड़ देगी। यदि आप धूप में खड़े होंगे तो कहीं पर भी आपकी परछाई नहीं नज़र आएगी। ऐसा इसलिए होगा क्‍योंकि इस पल सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर होगा। इसलिए यह संयोग घटित होगा। इसके बाद दिन छोटे होना शुरू हो जाएंगे और रातें लंबी होना शुरू होंगी। 21 जून को दिन की अवधि करीब 13.45 घंटे की होगी, जबकि रात 10.35 घंटे की रहेगी। इसे समर सोल्‍सटाइस या ग्रीष्‍मकालीन संक्रात भी कहा जाता है।

परछाई गायब होने का यह है कारण

उत्‍तराखंड के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के मुताबिक समय दलने के पीछे कई कारण हैं। पृथ्‍वी का अपना भ्रमण है जिसके चलते 23.50 डिग्री झुकी होती है। इस कारण दिन एवं रात होते हैं। अभी सूर्य उत्तरी गोलाद्र्ध से होकर गुजर रहा है और पृथ्‍वी के इस भाग में दिन लंबे हैं। इसके विपरीत दक्षिणी गोलाद्र्ध में दिन छोटे और रातें लंबी हैं। इसके अलावा यहां गर्मी का मौसम है तो दक्षिण गोलाद्र्ध में सर्दी है। यहां गर्मी होने के चलते सूर्य की किरणें सीधी पड़ रही है। ये किरणें दक्षिण में तिरछी पडऩे के कारण अभी वहां सर्दी का मौसम है। यह चक्र पूरे साल चलता है।

21 मार्च, 21 जून, 21 सितंबर और 21 दिसंबर में यह समानता

इस तरह का परिवर्तन एवं संयोग साल में चार बार आता है। 21 अथवा 22 मार्च को दिन व रात बराबर होते हैं। 21 जून को दिन बड़े व रातें छोटी होना शुरू होंगी। इसके बाद 21 या 22 सितंबर को दिन व रात का समय बराबर हो जाएगा। लेकिन 21 दिसंबर के बाद से जब विंटर सोल्‍सटाइस यानी शीतकालीन संक्रात शुरू होगी तो साल का सबसे छोटा दिन सामने आएगा एवं रातें लंबी होना शुरू होंगी।

हमारे जीवन पर यह असर

इस मौसम चक्र का हमारे जीवन पर सीधे तौर पर असर पड़ता है। यदि यह ऋतु परिवर्तन नहीं होता तो धरती का वातावरण एक जैसा रहता और यहां एक ही मौसम की मार सदा रहती। पृथ्‍वी का जो भाग सूर्य के सामने होता, वह हमेशा गर्म रहता और पीछे का भाग सर्दी में ही डूबा रहता। मौसम का परिवर्तन होने से जीवन शैली व खान पान में भी बदलाव आता है जो कई लोगों के लिए अनुकूल होता है। इससे हमारी सेहत भी जुड़ी है।

ताज़ा मौसम अपडेट
संबंधित खबरें
जिलाधिकारी की देखरेख में मतदान पार्टियों की रवानगी, समय से मतदान केंद्रों पर पहुंचने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी की देखरेख में मतदान पार्टियों की रवानगी, समय से मतदान केंद्रों पर पहुंचने के दिए निर्देश

कुशीनगर । गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत 23 अक्टूबर…

आठ फीट से ऊंची मूर्ति न बनाएं मूर्तिकार, पुलिस ने भेजा नोटिस
आठ फीट से ऊंची मूर्ति न बनाएं मूर्तिकार, पुलिस ने भेजा नोटिस

हाटा कुशीनगर । आगामी त्योहारों को देखते हुए हाटा पुलिस ने मूर्तिकारों को पहले…

मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बीएलओ व सुपरवाइजर के साथ की बैठक
मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बीएलओ व सुपरवाइजर के साथ की बैठक

लापरवाही नहीं होगी क्षम्य- ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हाटा कुशीनगर। आगामी विधान सभा चुनाव से पूर्व…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking