तरयासुजान पुलिस की कार्यशैली चर्चा में, मरने के बाद हरकत में आती है पुलिस, फिर दर्ज होता है मुकदमा!

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By: न्यूज अड्डा डेस्क
Published on: Nov 28, 2020 | 8:08 AM
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तरयासुजान पुलिस की कार्यशैली चर्चा में, मरने के बाद हरकत में आती है पुलिस, फिर दर्ज होता है मुकदमा!
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तरयासुजान | आजकल कुशीनगर जनपद के तरयासुजान थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कराने के लिए चाहे जीतना भी चक्कर लगाले‌ लेकिन आप का मुकदमा दर्ज नहीं होगा और होगा भी तो मरने के बाद नहीं तो चक्कर लगाते रहे। यह कोई कहानी और पटकथा नहीं है यह तरयासुजान पुलिस कार्यशैली है जो आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 नवंबर को ग्राम सभा बहादुरपुर में जमीन बंटवारे को लेकर दो भाइयों के बीच में पहले झगड़ा हुआ और उसके बाद मार पीट हुई ।जिसमें एक भाई रोहित वर्मा पुत्र स्व० सुरेन्द्र वर्मा उम्र 25 वर्ष जो मार पीट में गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसके बाद आनन-फानन में ग्रामीणों ने तमकुही राज सीएचसी अस्पताल भेजवाया जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के बाद पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को मौत हो गई। घटना के सूचना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं किया है। सूत्रों की माने तो मृतक के परिजनों ने आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए पांच दिनों से गुहार लगा रहे है। लेकिन आरोपी पुलिस के पकड़ से दूर दूर है। अगर समय रहते पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई नहीं किया तो पीड़ित परिवार के साथ अब आम लोग खड़े होकर पुलिस के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। समाचार लिखे जाने तक शव लखनऊ से गांव नहीं पहुंचा हुआ था। वहीं इसी थाना क्षेत्र के माधोपुर बुजुर्ग में आज बीते एक पखवारे उदयनारायण श्रीवास्तव पुत्र लक्ष्मण लाल उम्र 55 वर्ष नेशनल हाईवे फोर लेन पर वाहन दुर्घटना में घायल हो गए। जिनका इलाज गोरखपुर में चल‌ रहा था उसी दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि तहरीर लेकर थाने दौड़ते रहे लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।जब पीड़ित की मौत हो गई और ग्रामीणों में पुलिस के प्रती आक्रोश बढ़ा तो पुलिस ने आनन-फानन में अभियोग पंजीकृत किया। इस लिए अब आम लोगों में चर्चा है कि दौड़ते रहे आपका अभियोग मरने के बाद दर्ज होगा। जब इस संबंध में पुलिस क्षेत्राअधिकारी तमकुही राज से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल नेटवर्क के बाहर होने के कारण कोई जानकारी नहीं मिली।

Topics: कुशीनगर पुलिस तरयासुजान

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