UP में पराली जलाने पर कार्रवाई को लेकर बोले योगी, `किसानों को सिर्फ समझाएं, बदसलूकी बर्दाश्त नहीं होगी`

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By: न्यूज अड्डा डेस्क
Published on: Nov 7, 2020 | 12:33 PM
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UP में पराली जलाने पर कार्रवाई को लेकर बोले योगी, `किसानों को सिर्फ समझाएं, बदसलूकी बर्दाश्त नहीं होगी`
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लखनऊ: पराली जलाने को लेकर उत्तर प्रदेश में किसानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा है कि किसानों में इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाई जाए, उन्हें समझाया जाए लेकिन उनसे बदसलूकी नहीं की जाए. पराली जलाने को उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है. ऐसे में पुलिस प्रदेश में पराली जलाने वाले किसानों के प्रति कड़ी कार्रवाई कर रही है. पुलिस की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद नाराजगी जताते हुए कहा है कि किसानों के साथ दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं होगा.

कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया निर्देश
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पराली जलाने वाले किसानों को इससे होने वाले नुकसान तथा इसके उपयोग के प्रति जागरूक करें. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक करें. किसी भी स्थिति में कहीं भी इस मुद्दे पर किसानों से बदसलूकी सही नहीं जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली को लेकर पहले ही कई गाइडलाइन जारी की जा चुकी हैं. अब सूबे में अभियान चलाकर अधिकांश किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और नहीं जलाने से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी जाए.
पराली जलाना दंडनीय अपराध
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल) ने पराली जलाने को दंडनीय अपराध घोषित किया है. किसान ऐसा करने की जगह उन योजनाओं का लाभ उठाएं जिससे पराली को निस्तारित कर उसे उपयोगी बनाया जा सकता है. सरकार ऐसे कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दे रही है. कई जगह किसानों ने इन कृषि यंत्रों के जरिए पराली को कमाई का जरिया बनाया है. बाकी किसान भी इनसे सीख ले सकते हैं. सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ये सारी चीजें बताई जानी चाहिए. पराली के साथ फसल के लिए सर्वाधिक जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (एनपीके) के साथ अरबों की संख्या में भूमि के मित्र बैक्टीरिया और फफूंद भी जल जाते हैं. यही नहीं, बाद में भूसे की भी किल्लत बढ़ जाती है.

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