News Addaa WhatsApp Group

गोरखपुर:- पुलिस अपने आचरण और व्यवहार से जनता को ऐसा संदेश दे, जिससे आमजन को पुलिस के प्रति विश्वास जागृत हो:- अखिल कुमार (एडीजी)

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Oct 23, 2021  |  2:36 PM

691 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
गोरखपुर:- पुलिस अपने आचरण और व्यवहार से जनता को ऐसा संदेश दे, जिससे आमजन को पुलिस के प्रति विश्वास जागृत हो:- अखिल कुमार (एडीजी)
  • किसी भी दशा में जन सामान्य के प्रति ऐसा आचरण प्रदर्शित नही किया जाय,जिससे पुलिस के प्रति अवधारणा गलत हो

गोरखपुर । अपर पुलिस महानिदेशक ,गोरखपुर ज़ोन अखिल कुमार द्वारा नित्य नए -नए प्रयोग कर पुलिस की छबि को आमजनो के बीच बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में गत दिवस पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी कर निर्देश दिया गया है।

आज की हॉट खबर- मुजफ्फरपुर से चोरी स्कॉर्पियो कुशीनगर में बरामद, फर्जी नंबर प्लेट...

इस कड़ी में पुलिस कर्मियों द्वारा जनता के व्यक्तियों से किये जा रहे व्यवहार, पूछताछ अथवा अन्य कारणों से थाने पर लाये / बुलाये जाने वाले व्यक्तियों के साथ व्यवहार एवं कर्तव्य तथा माननीय न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था के निमित्त पुलिस बल द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेश गोरखपुर जोन, अखिल कुमार द्वारा जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ आनलाइन गोष्ठी की गयी, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन बस्ती परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र व जोन के समस्त जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। गोष्ठी में निम्नानुसार यह निर्देश दिये गये ।

क्या है एडीजी का निर्देश आप भी पढ़े!

जन सामान्य से पुलिस बल द्वारा किये जाने वाले आचरण व व्यवहार को लेकर सभी अपने-अपने अधीनस्थों के साथ बैठक करके उन्हें यह भली-भाँति अवगत करा दें कि सभी पुलिस कर्मी जन सामान्य से अच्छा व्यवहार करें। जनपदीय स्तर पर यह पूर्णतया सुनिश्चित किया जाय कि किसी भी दशा में स्थानीय पुलिस द्वारा अपने कार्य एवं आचरण से कोई ऐसा कृत्य न किया जाय, जिससे आमजन में पुलिस की छवि धूमिल हो। चौराहों / तिराहों पर चेकिंग व पूछताछ के दौरान किसी के साथ कोई मार-पीट, दुर्व्यवहार अथवा गाली-गलौज की शिकायत सामने न आने व पाये। ऐसे पुलिस कर्मी, जिनकी जनता से दुर्व्यबहार, गाली-गलौज, मारपीट, शराब का नियमित सेवन कर ठेले-खोमचे वालों को परेशान करने आदि की शिकायत प्राप्त हो रही हो, उन्हें तत्काल गैर जनपदीय शाखा में स्थानान्तरण किये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जाय। थाने/चौकी पर अनावश्यक रूप से किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के नाम पर रात्रि में अवैधानिक रूप से न बैठाया जाय। 4. सायंकाल 07.00 बजे से प्रातः 05.00 बजे के मध्य रात्रि में किसी भी दशा में किसी व्यक्ति को थाने/चौकी पर न बैठाया जाय। सायंकाल 05.00 बजे के बाद थाने में जनता का वही व्यक्ति हो, जो किसी मामले में गिरफ्तार हो तथा उसकी इन्ट्री जी०डी० (रोजनामचाआम) में रहे। किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के लिए प्रातः 07.00 बजे से 05.00 बजे सायंकाल के मध्य बुलाया जाता है, तो उसका इन्द्राज पूछताछ रजिस्टर, जी0डी0 में करते हुए संबंधित व्यक्ति का फोटो खींचकर युक्ति-युक्त कारणों का उल्लेख करते हुए अपने क्षेत्राधिकारी को व्हाट्सप पर इसकी सूचना अवश्य दी जाय। बिना लिखा पढ़ी के किसी भी दशा में जनता का कोई भी व्यक्ति कार्यालय में, थाना परिसर में या किसी अन्य जगह पूछताछ के नाम पर नहीं मिलना चाहिए। थाने पर पूछताछ केवल सुबह 07.00 बजे से सायंकाल 05.00 बजे के मध्य की जा सकती है। इसके लिए एक निर्धारित स्थान चिन्हित किया जाय तथा उक्त स्थान सीसीटीवी कैमरा से कवर होना चाहिए। पूछताछ के दौरान जो भी लोग बुलाये जाते हैं, उनका पूर्ण विवरण पूछताछ रजिस्टर व जी०डी० में किया जाय। जनपदीय कन्ट्रोल रुम प्रत्येक दिन रात्रि में इन तथ्यों की पुष्टि करें कि किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से थाने पर तो नहीं बैठाया गया है। 10. पूछताछ के अलावे जिन मामलों में लोगों को गिरफ्तार किया जाता है, केवल उन्हें ही गिरफ्तारी के बाद लिखा पढ़ी करते हुए थानें में रखा जायेगा तथा उन्हें नियमानुसार मा० न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।थाने में अधिष्ठापित सीसीटीवी को पूर्णतया क्रियान्वित करायें तथा सक्रिय अवस्था में रखें। इन सीसीटीवी कैमरों से थाने के समस्त महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पूरी तरह से कवर होना चाहिए। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी थाना प्रभारी सहित सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी की होगी। किसी भी दशा में जनता का कोई भी व्यक्ति कार्यालय में, थाना परिसर में या किसी अन्य जगह पूछताछ के नाम पर नहीं मिलना चाहिए। थाने के बाहर की जाने वाली चेकिंग, दबिश, पूछताछ या अन्य ऐसे स्थान, जहाँ पब्लिक का पुलिस से सीधा संवाद स्थापित होता है, वहाँ यथासम्भव वीडियोग्राफी करायी जाय। जनपद गोरखपुर सहित जिन जनपदों में बॉडी वार्न कैमरे उपलब्ध हैं, उन्हें तत्काल थानों को वितरित कर दिया जाय इन बॉडी वार्न कैमरों का प्रयोग दबिश एवं पुलिस चेकिंग के दौरान थाना प्रभारी द्वारा किया जायेगा।जिन जनपदों में बॉडी वार्न कैमरों की आवश्यकता है, जनपदीय प्रभारी तत्काल इसका ऑकलन करते हुए माँग पत्र पुलिस मुख्यालय कोप्रेषित करें।

पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी रात्रि गश्त में प्रत्येक थाने की आकस्मिक चेकिंग करते हुए यह देखें कि कहीं थाना/चौकी पर किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से बैठाया तो नहीं गया है, यदि किसी भी थाना प्रभारी द्वारा ऐसा करता पाया जाय, तो संबंधित थाना प्रभारी के साथ-साथ पहरा तथा थाना कार्यालय में नियुक्त कर्मियों के विरूद्ध भी कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उक्त गोष्टी के अनुक्रम में सभी जनपदीय प्रभारियों से अपेक्षा की गयी कि मा० न्यायालय की सुरक्षा, जन सामान्य से पुलिस के व्यवहार / आचरण आदि के सम्बन्ध में अपने अपने जनपद में थाना प्रभारियों के साथ गोष्ठी का आयोजन करते हुए इन बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दें कि किसी भी दशा में पुलिस द्वारा जन सामान्य से ऐसा आचरण प्रदर्शित न किया जाय, जिससे समाज में पुलिस के प्रति लोगों की अवधारणायें गलत हों। पुलिस अपने आचरण एवं व्यवहार से जनता को एक ऐसा सन्देश दे, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास जागृत हो। सभी परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उपमहानिरीक्षक को उक्त निर्देशों का प्रभावी रुप से क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया गया।

संबंधित खबरें
कुशीनगर : एनएच-27 में ‘सोल्डर घोटाला’! काग़ज़ों में डेढ़ मीटर, ज़मीन पर शून्य — परियोजना निदेशक कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
कुशीनगर : एनएच-27 में ‘सोल्डर घोटाला’! काग़ज़ों में डेढ़ मीटर, ज़मीन पर शून्य — परियोजना निदेशक कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

कुशीनगर। जनपद में भारतीय राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर कराए…

News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking