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Kushinagar News/कुशीनगर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैंक की जिला स्तरीय समीक्षा समिति/सलाहकार समिति की बैठक की गयी आयोजित

न्यूज अड्डा डेस्क

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Sep 1, 2022  |  8:06 PM

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Kushinagar News/कुशीनगर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैंक की जिला स्तरीय समीक्षा समिति/सलाहकार समिति की बैठक की गयी आयोजित

कुशीनगर। जिलाधिकारी कुशीनगर की अध्यक्षता में बैंक की जिला स्तरीय समीक्षा समिति/ जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी।बैठक में मुख्य अतिथि माननीय सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे ने बताया कि सरकार की विभिन्न महत्वकांक्षी और जन कल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण विकास के तहत गांव गरीब और किसान लाभान्वित हुए हैं। इनको विभिन्न योजनाओं के तहत लोन के माध्यम से बैंक अपनी जिम्मेदारी को निभाता है। किंतु बैंकों के निचले स्तरपर परिस्थितियां भिन्न है। इस क्रम में उन्होंने जनधन के तहत बैंक अकाउंट में दुर्घटना बीमा पॉलिसी की चर्चा करते हुए कहा यह गांव के गरीबों के सहयोग के लिए निर्धारित की गई थी किंतु दुर्घटना बीमा पॉलिसी से गरीब लाभार्थी लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। बैंको की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे पता लगाएं कि जिस गरीब के लिए जो योजनाएं चली उससे कितने प्रतिशत लोग लाभान्वित हुए। इसी क्रम में स्वयं सहायता समूह की चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि स्वयं सहायता समूह के द्वारा महिलाओं में सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता के उद्देश्य को पूरा किया जाता है।लेकिन वास्तविक रूप से उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। मुद्रा लोन के बारे में उन्होंने बताया कि वास्तविक लाभार्थियों को लोन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि लोन का इस्तेमाल लोग उद्योग बढ़ाने के लिए कर रहे हैं या फिर खाने के लिए। बैंक में सक्रिय दलालों की समस्याएं उठाते हुए मा0 सांसद ने कहा कि दलाल संस्कृति हावी है। उन्होनें कहा कि बैंक के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को पारदर्शिता से निभाए।बैठक में उपस्थित माननीय विधायक हाटा मोहन वर्मा, माननीय विधायक रामकोला विनय गौड़ ने भी बैंकों में लगातार सक्रिय हो रहे दलालों की समस्याओं को उठाया तथा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी बात की।

इससे पहले जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने बैठक में बैंकों के ऋण जमा अनुपात को 60% या अधिक किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़े बैंकों का प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए। विदित हो कि जनपद में ऋण जमा अनुपात 30 जून 2022 तिमाही में 47.87% है जबकि 60% की सीमा न्यूनतम है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी ने पेंडेंसी को कम किए जाने हेतु उद्योग उपायुक्त को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने बैंकर्स की मीटिंग में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से प्रतिभाग करने हेतु निर्देशित किया। उन्होनें जनपद में एक जनपद एक उत्पाद योजना को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता के बारे में जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस क्रम में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए। जिलाधिकारी ने सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना में धीमी प्रगति पर चिंता जाहिर की।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (खादी ग्रामोद्योग आयोग से संचालित) के संदर्भ में भी उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित किया। एनआरएलएम योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह के संदर्भ में जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के साथ संवेदनशीलता के साथ जुड़े। यह एक प्रकार का राष्ट्र निर्माण योजना है। जिलाधिकारी ने बैंकर्स को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों का ऋण अस्वीकृत हो रहा है उस संदर्भ में संबंधित विभाग व जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संयुक्त रूप से समीक्षा करें।बैठक में उपस्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम मार्कण्डेय चतुर्वेदी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता की जरूरत है। उन्होंने ऋण जमा अनुपात को बढ़ाए जाने के बारे में बताया कि ज्यादा से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड देकर जनपद के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाया जा सकता है। उनके द्वारा अनधिकृत एजेंटों का भी मुद्दा उठाया गया। उक्त बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक आर एस त्यागी ने जनपद में वार्षिक ऋण 2022-23 की प्रगति, ऋण जमा अनुपात, फसली ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड, मुद्रा योजना, एनपीए, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, एन यू एल एम, एन आर एल एम, स्वतः रोजगार, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान, वित्तीय साक्षरता जागरूकता, डिजिटल पेमेंट व प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बारे में जनपद की प्रगति के संदर्भ में उपस्थित गणमान्य व अधिकारियों को बताया।इस अवसर पर केले के रेशे से बने हुए सेनेटरी पैड भी माननीय सांसद महोदय को दिखाया गया।

बैठक में सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक राजनाथ यादव द्वारा 2022-23 के लिए 25 बैच के लक्ष्य 630 के सापेक्ष 183 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न ट्रेडों यथा महिला सिलाई, बकरी पालन, बीसी सखी, पेपर बैग आदि ट्रेड में प्रशिक्षण किए जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने इस संदर्भ में ट्रेडों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने हेतु भी निर्देशित किया यथा सोलर लाइट मैकेनिक, ई रिक्शा मैकेनिक आदि।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, नाबार्ड से संचित सिंह, जनप्रतिनिधि सतीश मणि त्रिपाठी, प्रदीप जायसवाल, बैंकर्स तथा अधिकारीगण मौजूद रहे।बैठक में मुख्य अतिथि माननीय सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे ने बताया कि सरकार की विभिन्न महत्वकांक्षी और जन कल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण विकास के तहत गांव गरीब और किसान लाभान्वित हुए हैं। इनको विभिन्न योजनाओं के तहत लोन के माध्यम से बैंक अपनी जिम्मेदारी को निभाता है। किंतु बैंकों के निचले स्तरपर परिस्थितियां भिन्न है। इस क्रम में उन्होंने जनधन के तहत बैंक अकाउंट में दुर्घटना बीमा पॉलिसी की चर्चा करते हुए कहा यह गांव के गरीबों के सहयोग के लिए निर्धारित की गई थी किंतु दुर्घटना बीमा पॉलिसी से गरीब लाभार्थी लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। बैंको की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे पता लगाएं कि जिस गरीब के लिए जो योजनाएं चली उससे कितने प्रतिशत लोग लाभान्वित हुए। इसी क्रम में स्वयं सहायता समूह की चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि स्वयं सहायता समूह के द्वारा महिलाओं में सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता के उद्देश्य को पूरा किया जाता है।लेकिन वास्तविक रूप से उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। मुद्रा लोन के बारे में उन्होंने बताया कि वास्तविक लाभार्थियों को लोन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि लोन का इस्तेमाल लोग उद्योग बढ़ाने के लिए कर रहे हैं या फिर खाने के लिए। बैंक में सक्रिय दलालों की समस्याएं उठाते हुए मा0 सांसद ने कहा कि दलाल संस्कृति हावी है। उन्होनें कहा कि बैंक के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को पारदर्शिता से निभाए।बैठक में उपस्थित माननीय विधायक हाटा मोहन वर्मा, माननीय विधायक रामकोला विनय गौड़ ने भी बैंकों में लगातार सक्रिय हो रहे दलालों की समस्याओं को उठाया तथा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी बात की।

इससे पहले जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने बैठक में बैंकों के ऋण जमा अनुपात को 60% या अधिक किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़े बैंकों का प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए। विदित हो कि जनपद में ऋण जमा अनुपात 30 जून 2022 तिमाही में 47.87% है जबकि 60% की सीमा न्यूनतम है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी ने पेंडेंसी को कम किए जाने हेतु उद्योग उपायुक्त को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने बैंकर्स की मीटिंग में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से प्रतिभाग करने हेतु निर्देशित किया। उन्होनें जनपद में एक जनपद एक उत्पाद योजना को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता के बारे में जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस क्रम में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए। जिलाधिकारी ने सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना में धीमी प्रगति पर चिंता जाहिर की।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (खादी ग्रामोद्योग आयोग से संचालित) के संदर्भ में भी उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित किया। एनआरएलएम योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह के संदर्भ में जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के साथ संवेदनशीलता के साथ जुड़े। यह एक प्रकार का राष्ट्र निर्माण योजना है। जिलाधिकारी ने बैंकर्स को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों का ऋण अस्वीकृत हो रहा है उस संदर्भ में संबंधित विभाग व जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संयुक्त रूप से समीक्षा करें।बैठक में उपस्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम मार्कण्डेय चतुर्वेदी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता की जरूरत है। उन्होंने ऋण जमा अनुपात को बढ़ाए जाने के बारे में बताया कि ज्यादा से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड देकर जनपद के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाया जा सकता है। उनके द्वारा अनधिकृत एजेंटों का भी मुद्दा उठाया गया। उक्त बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक आर एस त्यागी ने जनपद में वार्षिक ऋण 2022-23 की प्रगति, ऋण जमा अनुपात, फसली ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड, मुद्रा योजना, एनपीए, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, एन यू एल एम, एन आर एल एम, स्वतः रोजगार, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान, वित्तीय साक्षरता जागरूकता, डिजिटल पेमेंट व प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बारे में जनपद की प्रगति के संदर्भ में उपस्थित गणमान्य व अधिकारियों को बताया। इस अवसर पर केले के रेशे से बने हुए सेनेटरी पैड भी माननीय सांसद महोदय को दिखाया गया।बैठक में सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक राजनाथ यादव द्वारा 2022-23 के लिए 25 बैच के लक्ष्य 630 के सापेक्ष 183 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न ट्रेडों यथा महिला सिलाई, बकरी पालन, बीसी सखी, पेपर बैग आदि ट्रेड में प्रशिक्षण किए जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने इस संदर्भ में ट्रेडों की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने हेतु भी निर्देशित किया यथा सोलर लाइट मैकेनिक, ई रिक्शा मैकेनिक आदि।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, नाबार्ड से संचित सिंह, जनप्रतिनिधि सतीश मणि त्रिपाठी, प्रदीप जायसवाल, बैंकर्स तथा अधिकारीगण मौजूद रहे।

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