कुशीनगर :- जनपद के पटहेरवा थाना में संचालित महिला हेल्प डेस्क पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। यहां महिलाएं अपनी समस्या निडर होकर महिला अधिकारियों को बताती हैं। साथ ही उनका निस्तारण भी तत्काल किया जाता है। महिला हेल्प डेस्क में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा व पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद के आ रहे हैं।

शासन के निर्देश पर पटहेरवा थाने में महिला हेल्प डेस्क का संचालन हो रहा है। यहां महिलाओं की समस्या के लिए महिला पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। महिला हेल्प डेस्क में आने वाली पीड़ित महिलाओं की समस्या सुनने के लिए दो कर्मचारी नियुक्त रहते हैं। साथ ही शिकायत मिलते ही संबंधित दरोगा को तत्काल मामला अवगत करा दिया जाता है। जिससे वह तुरंत मौके पर जाकर पीड़ित को न्याय दिलाया जाता है। पटहेरवा थाने की महिला हेल्प डेस्क प्रभारी बिंदु यादव व साध्वी दुबे ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा व पति पत्नी के बीच विवाद के आ रहे हैं। जबकि छेड़छाड़ से संबंधित मामले कम रहते हैं। आम तौर पर ज़्यादातर मामले पति-पत्नी के झगड़े के होते हैं। उन्होंने बताया कि हम पारिवारिक मामलों पर फ़ोकस करते हैं क्योंकि उनमें समझौते का स्कोप ज़्यादा होता है। हम ये झगड़े अक्सर सुलझा भी देते हैं। ऐसा कम ही होता है जब पारिवारिक विवाद का निपटारा न हों। बता दें कि महिला उत्पीड़न के मामले में तत्काल कार्रवाई करने के उद्देश्य से शासन की ओर से मिशन शक्ति के तहत प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। हालांकि जब से यह हेल्प डेस्क चालू हुई है। इसमें सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा के आ रहे हैं। वही पति पत्नी के बीच विवाद के भी मामले खूब आ रहे हैं। महिला हेल्प डेस्क प्रभारीद्वय का कहना है कि उच्चाधिकारियों के दिशानिर्देश, थाना प्रभारी सुनील सिंह के निर्देशन व वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रेमनरायन सिंह की देखरेख तथा मार्गदर्शन से अधिकतर पारिवारिक मामलों का निपटारा प्रत्येक दिवस में कराया जाता हैं और महिलाएं आसानी से अपनी बातो को रखती हैं, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो जाता हैं।