महराजगंज: परिस्थितियों ने किया मजबूर, तो छात्र ने चुना ये रास्ता! अब बन गया मिसाल

कप्तानगंज/कुशीनगर। जनपद महराजगंज परिस्थितियां मजबूर किया तो रास्ता चुनना मजबूरी हुआ। कि विकास खण्ड परतावल के ग्राम पंचायत सोहसा बाँसपर का बारहवीं का छात्र भान प्रताप चौधरी को अपने पढ़ाई के लिए जब दिक्क़त आने लगी तो वह सोचने पर मजबूर हुआ कि आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए कुछ करना चाहिए। और 250 रुपये जुटाकर आयस्टर मशरुम बीज खरीदा और उगाना शुरू कर दिया।फलतः परिश्रम रंग लाई तथा एक माह में 40 गमले में मशरुम के तैयार किया है जो कि अब मसरूम उत्पादन के लिए तैयार है।इन दिनों तक वह अबतक 2000 रुपये का मशरुम बेच चुका है।बकौल छात्र भान प्रताप चौधरी ने बताया कि वह अपनी इस लगन से बहुत खुश हैं और पढ़ाई के लिए जो भी जरूरत है पूरा कर दिया है।पढ़ाई पूरी तरह करते हुए भी मशरुम की उत्पादन को और बढ़ाएंगे ताकि अपनी आवस्यकता के बाद अपने घर की भी आवस्यकता को भी पूरा कर सके। भान प्रताप चौधरी ने एक प्रश्न के जबाब में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब आत्मनिर्भर भारत बना रहे है तो उसे मजबूत और बढ़ावा देने के लिए स्वावलमी बनना पड़ा। एवं साथी छात्र व बेरोजगार युवाओं में भी एक संदेश है कि वे भी कुछ करे जो उनसे हो सकता है। मसरूम की तमाम प्रजातियों में आयस्टर प्रजाति सबसे अधिक पैदावार कि रुचिकर लगता है इसलिए इस प्रजाति का चुनाव की है इसको छात्र को बढ़ावा करेगा।

Farendra Pandey

तहसील प्रभारी कप्तानगंज, कुशीनगर उत्तर प्रदेश