कुशीनगर: विजयसुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में मनाया गया हिन्दी दिवस
  • हिन्दी हमारी मातृभाषा है जिसका हमें सम्मान करना चाहिए: डॉ के के गुप्ता

कुशीनगर (न्यूज अड्डा)। हिन्दी दिवस के अवसर पर दिनांक 14 सितम्बर दिन मंगलवार को विजयसुधा कालेज ऑफ फार्मेसी के प्रधानाचार्य डॉ के के गुप्ता जी के मार्गदर्शन में हिन्दी भाषा के बढ़ावा के लिए बच्चों में हिन्दी दिवस कि विशेषता पर व हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता व महत्ता पर चेतना संदेश स्वरूप लघु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कालेज के प्रधानाचार्य डॉ गुप्ता ने होनहार बच्चों में हिन्दी भाषा कि विस्तृत जानकारी देते हुए हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष मनाने कि भी विशेषता बताये. तथा हिन्दी भाषा को भी अन्य भाषाओं कि तरह प्रचार प्रसार करने व बोलने के लिए संकल्प दिलाये.

कालेज के संस्थापक डॉ एस एन चौधरी जी ने कहा कि दुनिया में 55 करोड़ लोग इस भाषा को समझते हैं, जबकि भारत में 45 करोड़ नागरिकों की बातचीत का जरिया हिन्दी भाषा है। आज़ादी के बाद अंग्रेजी के बढ़ते चलन और हिन्दी के महत्व को कम होते देख हिन्दी दिवस को हर साल मनाने का फैसला लिया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ गणेश शर्मा जी ने कहा कि 14 सितंबर को 1949 को हिंदी को राजभाषा बनाया गया लेकिन गैर हिंदी राज्यों ने इसका विरोध किया जिसकी वजह से अंग्रेजी को हिन्दी की जगह दी गई। तब से लेकर आज तक हिंदी के महत्व को बढ़ाने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है।

अतिथी के रूप में डॉ नरेंद्र पटेल जी ने कहा कि हिन्दी हमारी अपनी भाषा है लेकिन हम अंग्रेजी में बोलते हुए खुद को गौरांवित महसूस करते हैं। हिन्दी भाषा के शब्द ही नहीं, बल्कि इसके भाव भी दिल को छूते हैं। इसलिए मैं आप सबसे आग्रह करता हु कि बोलचाल और लिखते वक्त हिंदी का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें। हमारा मतलब यह नहीं है कि आप और भाषाओं जैसे इंग्लिश या दूसरी भाषाओं से खुद से दूर कर लें। हम केवल एक भाषा के माध्यम से राष्ट्र को एकजुट करने की अपील करते हैं।

इस दौरान मुख्य रूप से प्रधानाचार्य व शिक्षकगणो के सहयोग से हिंदी उत्थान के लिए निबंध, वाद विवाद, चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुवा जिसमे छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया छात्रों में मुख्य रूप से मे रंजीता ,कोमल, किरण, रामकरण, अरविंद, पार्वती,सुमित्रा, दीनदयाल , राकेश गुप्ता इत्यादि बच्चे के साथ कालेज के शिक्षकगण अमित सिंह , विवेकानन्द चौधरी, मंजू कुशवाहा उपस्थित रहे।