News Addaa WhatsApp Group Join करें

“रियल सिंघम” की संवेदनशीलता: SHO शुशील शुक्ल ने बुजुर्ग की मदद कर दिखाई असली पुलिसिंग की तस्वीर

Surendra nath Dwivedi

Reported By:

Jun 30, 2025  |  4:26 PM

257 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
“रियल सिंघम” की संवेदनशीलता: SHO शुशील शुक्ल ने बुजुर्ग की मदद कर दिखाई असली पुलिसिंग की तस्वीर WhatsApp
Responsive image

तमकुहीराज (कुशीनगर) । “सिंघम”, “दबंग” या “शेरशाह” जैसे किरदार फिल्मों में तो आपने देखे होंगे, लेकिन जब ये किरदार हकीकत में हमारे सामने उतरें तो समाज को नया विश्वास मिलता है। तमकुहीराज थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार शुक्ल ने सोमवार को एक ऐसा ही कार्य कर दिखाया, जिसने पुलिस की छवि को एक बार फिर मानवता के प्रहरी के रूप में प्रस्तुत किया।

घटना तमकुहीराज तहसील परिसर की है, जहां नेक मुहम्मद पुत्र नबी हुसैन, उम्र 85 वर्ष, निवासी बसडिला बुजुर्ग, जमीन की रजिस्ट्री कराने आए थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े। लोग मदद को आगे तो आए, पर किसी को समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। स्थिति नाजुक थी, वक्त कम था।

जैसे ही इसकी जानकारी थाना प्रभारी सुशील शुक्ल को मिली, उन्होंने फुर्ती दिखाई और बिना किसी औपचारिकता के अपनी सरकारी गाड़ी को एंबुलेंस में तब्दील करते हुए खुद बुजुर्ग को लेकर अस्पताल की ओर रवाना हो गए।
यह दृश्य उन सभी लोगों के लिए भावुक कर देने वाला था जो मौके पर मौजूद थे। पुलिस अधिकारी का यह संवेदनशील चेहरा लोगों के दिलों को छू गया।

हालांकि, डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर नेक मुहम्मद को मृत घोषित कर दिया, लेकिन SHO सुशील शुक्ल की यह पहल कई जिंदगियों को मानवता का पाठ पढ़ा गई।

“हर वर्दी डराने के लिए नहीं होती, कुछ भरोसा दिलाने भी होती हैं”

इस घटना के बाद इलाके में थाना प्रभारी की जमकर सराहना हो रही है। तहसील में कार्य कर रहे वकील, लेखपाल, अधिकारी और आमजन ने कहा कि “सुशील शुक्ल न केवल एक कर्मठ पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं।”

यह पहला अवसर नहीं है जब SHO सुशील शुक्ल ने अपनी मानवता का परिचय दिया हो। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर उनकी सख्ती और जनता के प्रति उनकी सेवा भावना, दोनों ने उन्हें एक “सुपरकॉप” की उपाधि दिला दी है।

स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि ऐसे अधिकारियों की मौजूदगी से जनता और पुलिस के बीच जो दूरी होती है, वो पाटी जा सकती है। वर्दी पहने ये रक्षक, जब अपने कर्तव्य के साथ इंसानियत भी निभाते हैं, तब वे समाज के असली नायक बनते हैं।

शोक और सम्मान दोनों का माहौल

इस घटना ने जहां तहसील परिसर को शोकग्रस्त कर दिया, वहीं SHO सुशील शुक्ल के प्रति आदर और सम्मान की भावना और प्रबल हो गई है। उनकी त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदाराना निर्णय ने साबित कर दिया कि आज भी सिस्टम में ऐसे अधिकारी हैं, जो न सिर्फ कानून के रक्षक हैं, बल्कि मानवता के प्रहरी भी हैं।

ताज़ा मौसम अपडेट
संबंधित खबरें
प्रसिद्ध मठिया मेले की तैयारियों को लेकर सांसद ने की बैठक
प्रसिद्ध मठिया मेले की तैयारियों को लेकर सांसद ने की बैठक

खड्डा विकास खंड का एतिहासिक मठिया मेला 30 अक्टूबर जबकि विराट दंगल 31 को…

मेला दिखाने के बहाने 13 वर्षीय किशोरी को ले जाने का आरोप, मुकदमा दर्ज
मेला दिखाने के बहाने 13 वर्षीय किशोरी को ले जाने का आरोप, मुकदमा दर्ज

खड्डा, कुशीनगर। खड्डा थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी को मेला…

कुशीनगर: डीएम संजय चौहान ने दी दशहरा की शुभकामनाएं
कुशीनगर: डीएम संजय चौहान ने दी दशहरा की शुभकामनाएं

कुशीनगर । जिला अधिकारी ने दी जनपद वासियो को महा नवमी और महा दशमी…

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट

पनियहवा व भैंसहां घाट का किया निरीक्षण सुरक्षित विसर्जन के लिए पोखरे चिह्नित, घाटों…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking