• मध्य प्रदेश के जबलपुर की कादंबरी हिंदी संस्थान ने किया सम्मानित
  • नवल द्वारा लिखी पुस्तक फिर सवेरा होगा के लिए हुए पुरस्कृत

हाटा/कुशीनगर। जनपद के सुकरौली विकास खंड के सिरसिया नं दो निवासी युवा कवि शव लेखक मृत्युंजय उपाध्याय नवल को उनकी पुस्तक “फिर सवेरा होगा” पर कादंबरी हिंदी संस्थान,जबलपुर,मध्य प्रदेश में इंजीo विवेक मिश्र कविता सम्मान 2022- से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जबलपुर में अयोजित एक कार्यक्रम में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर की हिन्दी अध्ययन मण्डल की अध्यक्ष डॉ नीना उपाध्याय, प्रज्ञा पीठाधीश्वर साध्वी विभानन्द गिरी,और वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य भागवत दुबे द्वारा मृत्युंजय उपाध्याय नवल को दिया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार राजेश पाठक प्रवीण, डॉ पी पी पंजरकर डॉ सूर्य नारायण गुप्त सहित देश के कई साहित्यकार मौजूद रहे। मृत्युंजय उपाध्याय नवल की यह पुस्तक 2021में प्रकशित हुई थी इससे पूर्व नवल ने 2019 नई दिल्ली में अयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन में संबोधित कर के अपने क्षेत्र और ज़िले का मान बढ़ाया था। नवल को उत्तर प्रदेश अयोध्या शोध संस्थान और संचय साहित्य फाउंडेशन नई दिल्ली द्वारा, “लोक जीवन में राम कथा “शोध पत्र पर भी सम्मनित किया जा चुका है।

मृत्युंजय उपाध्याय नवल ने बताया कि लिखने की प्रेरणा उनको अपने पिता स्वर्गीय राजनवल उपाध्याय और माता स्वर्गीय रुद्रवती देवी से मिली।वर्तमान में नवल आकाशवाणी गोरखपुर में उद्घोषक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।