• पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के निजी सचिव समेत चार गिरफ्तार

लखनऊ। भाजपा सरकार में मंत्री रहे और अब सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सभी पर आरोप है कि वे बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे. इन्हें यूपीएसटीएफ की टीम ने गिरफ्त में लिया है.

आरोपियों के नाम आए सामने

1- अरमान खान पुत्र बेचू खान निवासी बाल्मीकि नगर जमाल पुर, थाना कोतवाली पडरौना, जनपद कुशीनगर।
2- असगर अली पुत्र अलाउद्दीन ग्राम मड़पा पोस्ट पिपरा दौलाकदम, थाना महुआडीह, जनपद देवरिया।
3- मो0 फ़ैज़ी पुत्र लड्डन निवासी मुरलीजोत कोतवाली रोड, थाना कोतवाली, जनपद बस्ती।
4- विशाल गुप्ता पुत्र दिलीप गुप्ता निवासी नई बाजार, थाना पुरानी बस्ती, जनपद बस्ती।
5- अमित राव पुत्र सुभाष चंद्र राव निवासी इंदिरानगर कन्नौजिया वार्ड, थाना पडरौना जनपद कुशीनगर।

चेक और कार के साथ कई चीजें बरामद

1. 07 अदद मोबाइल फोन।
2. 57 अदद हस्ताक्षरशुदा चेक विभिन्न बैंकों व खातों के।
2. 05 अदद कूटरचित आई0डी0 कार्ड
3. 22 अदद नियुक्ति पत्र विभिन्न पदों के लिए।
4. 14 व्यक्तियों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र व अंक पत्र।
5. 01 अदद एक्सयूवी 700 गाडी बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की।
6. 02 अदद सचिवालय पास क्रम संख्यायुक्त बिना हस्ताक्षर के।

इस जगह से हुई गिरफ्तारी

21 अप्रेल को आरोपियों को एसबीआई मेन ब्रांच तिराहे से नेशनल पीजी कॉलेज जाने वाली रोड से गिरफ्तार किया गया है.

एस0टी0एफ0, उ0प्र0 को विगत काफी समय से फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की सचूनाएं प्राप्त हो रहीं थी, जिसके सम्बन्ध में एसटीएफ उ0प्र0 की विभिन्न टीमांे/इकाईयों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके क्रम में दीपक कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 के पर्यवेक्षण मे एस0टी0एफ0 मुख्यालय स्थित टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसचूना तन्त्र को सक्रिय किया गया।

अभिसूचना संकलन का कार्य प्रारम्भ किया गया जिस क्रम में ज्ञात हुआ कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है जिसमें पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या का निजी सचिव अरमान खान, असगर अली, जमील, फैजी, विशाल गुप्ता, अमित राव, मुन्नवर, सैफ़ी आदि हैं, जो बेरोजगार युवकों को बहला फुसलाकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का कार्य करते हैं और अब तक करोड़ों रुपये का वारान्यारा कर चुके है। उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने पर अरमान खान, असगर अली, जमील, फैजी, विशाल गुप्ता, अमित राव, मुन्नवर, सैफ़ी आदि की पतारसी सुरागरसी हेतु मुखबिर मामूर किये गए इस क्रम में आज दिनांक 21-04-2022 को द्वारा मुखबिर ज्ञात हुआ कि अरमान खान, फैजी व विशाल एसबीआई मेन ब्रांच से नेशनल पी0जी0 कालेज जाने वाली रोड पर मौजूद हैं, जिनसे मिलने असगर अली व अमित राव. आने वाले हैैं। इस सूचना पर निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह मय हमराहियान उप निरीक्षक तेज बहादुर सिंह मुख्य आरक्षी विनोद कुमार यादव मुख्य आरक्षी कृष्णकांत शुक्ल, मुख्य आरक्षी पवन सिंह विशेन, मुख्य आरक्षी हिमांशु शुक्ल, आरक्षी आलोक रंजन, आरक्षी सुनील कुमार यादव, आरक्षी राम सिंह यादव, मु0आ0कमा0 रामकेश, आरक्षी चालक सुरेश सिंह, आरक्षी चालक रईस मय सरकारी वाहन मुखबिर के बताये स्थान पर आये जहाँ पर कुछ व्यक्तियों की तरफ इशारा करके मुखबिर ने बताया कि ये अरमान खान, फैजी व विशाल हैं एवं थोड़ी देर बाद मुखबिर ने एक सफ़ेद कलर की महिंद्रा एक्स0 यू0वी0-700 बिना नंबर की आती हुई गाड़ी की ओर इशारा करके बताया कि यही वह गाड़ी है जिसमें असगर व अमित मौजूद हैं एवं चला गया फिर कुछ समय पश्चात् गाड़ी से दो लोग उतरे। जिसपर एस0टी0एफ0 टीम द्वारा हिकमतअमली का प्रयोग करते हुए पांचों व्यक्तियों को घेरकर पकड़ लिया जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुयी।

विस्तृत पूंछताछ पर असगर अली ने बताया वह देवरिया का रहने वाला है व आउट सोर्सिंग पर कई विभागों में कार्य किया है। सरकारी पत्र एवं विभागों की जानकारी रखता है। सचिवालय में अरमान के माध्यम से इसकी आसानी से पहुंच थी। इसके पास से विभिन्न तिथियों के वाहन प्रवेश प्राप्त हुए हैं। लडकों को अपने साथी जामिल के माध्यम से यहीं फंसाता था। गोखरपुर, आजमगढ, सुल्तानपुर, इलाहाबाद आदि स्थानों से लडके इसे मिलते थे। उसका साथी अरमान पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या का निजी सचिव रहा है, जिसका वेतन श्रम विभाग द्वारा आहरित होता रहा है। यह अपने कार्यालय का उपयोग सलाहकार इत्यादि के लिए करता था व समय समय पर विभिन्न बहानों से पूर्व मंत्री को अभ्यर्थियों से मिलवाता रहता था। फैजी को अरमान के माध्यम से सचिवालय में डिजिटाइजेशन का काम करने वाली कम्पनी न् ट जमबी में वेण्डर सप्लाई का काम मिला। यह प्राइवेट लडकों के माध्यम से बाल विभाग, रेशम विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग का डिजिटाइजेशन पूर्ण कर चुका है। इसे भी सरकारी पत्रों की ठीक ठाक जानकारी थी एवं इसे सचिवालय परिसर में ही काम करने की जगह मिल गयी थी, जहां यह सब मिलकर ट्रेनिंग के नाम पर लडको को रखते थे। सरकारी भवन में ट्रेनिंग होने से लडके आसानी से विश्वास कर जाते थे। फैजी का भाई सैफी भी इस सबमे मिला रहता था। विशाल गुप्ता यह अपने आप को अभ्यर्थियों के समक्ष विभिन्न मंत्री एवं विभागों के टच में रहना प्रस्तुत करता था एवं सरकारी विभागों के नियुक्ति एवं रिक्ति का मास्टर माइंड था। बहुत दिनों से यह इस कार्य में लिप्त है। इसका एक साथी स्वप्निल जो पूर्व मे जेल जा चुका है, उससे मिलकर रेलवे की फर्जी वेबसाइट पर अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन व परीक्षाफल प्रदर्शित करवाता था, जिससे आसानी से लडके विश्वास कर जाते व मनचाही धनराशि उनसे वसूलता था। इससे बहुत से विभागों के नियुक्ति पत्र व हस्ताक्षरशुदा ब्लैंक चेक प्राप्त हुए है। अमित राव अरमान व फैजी के माध्यम से इस गैंग से जुडा व असगर के माध्यम से लडकों से नियुक्ति के नाम पर पैसे प्राप्त किये। अरमान से अन्य विभागों में ट्रांसफर पोसिं्टग इत्यादि के लिए फोन आदि कराता था, जिससे मेरी अपने क्षेत्र मे धाक बनी रहती थी।

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्त को थाना हजरतगंज कमिश्नरेट लखनऊ में दाखिल कर अग्रेतर विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।