- उत्तरप्रदेश की जनता जिस शोषणकारी व्यवस्था की पांच वर्ष शिकार रही है उसे कैसे भूल पायेगी?
कसया/कुशीनगर । विधानसभा फाजिलनगर (332) में सपा द्वारा चलाये जा रहे जनसम्पर्क अभियान “समाजवादियों चलो गांव गांव द्वार द्वार” को सफल बनाने के क्रम में विधानसभा के दक्षिणी क्षेत्र के गांवों भानपुर, भठहीं, बेलवां, सुमही, बनकटा आदि का दौरा कर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समाजवादी संकल्प-पत्र व वायदों, पार्टी के नीतियों को विस्तार पूर्वक जनता को बताने व समझाने में जुटे सपा जिला सचिव चौधरी शमसुल होदा ने कहा कि भाजपा सरकार की शोषणकारी व्यवस्था जिसका साक्षी व भुक्तभोगी स्वयं प्रदेश की जनता है वह चौंकाने वाला और दोषपूर्ण रहा है। प्रदेश के लोगों को उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने कुशासन से चौतरफा मुसीबत में डाल दिया है और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए प्रदेशवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। केवल किसान, मजदूर, युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश की पूरी जनता असीमित कष्ट में है। जिनकी कोई सुनवाई भाजपा सरकार में नहीं है। यही नहीं भाजपा सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी है। पांच साल सत्ता सुख भोगने के बाद उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगीजी को 30 साल की पुरानी घटना पर जनता से वोट मांग रही है। मुख्यमंत्री जी का स्वंय द्वारा किये गए ट्वीट को देखकर उनकी बौखलाहट का अंदाजा लगाया जा सकता है। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में हार की आशंका ने मोदी, योगी सहित पूरे भाजपा मंडली में खलबली मचा दी है। नीदें हराम हो गयी है। मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। वे क्या बोल रहे हैं, क्या कर रहे हैं उन्हें स्वयं ही इसका गुमान नहीं है। उन्हें केवल सत्ता बचाने की फ़िकर है चाहे इसके लिए संविधान, लोकतंत्र, मानवता व पद की गरिमा की तिलांजलि देने के साथ साथ चाहे देश को साम्प्रदायिकता की आग में ही क्यों न झोंकना पड़े, उन्हें इससे परहेज नहीं है।
जिला सचिव चौधरी शमसुल होदा ने आगे कहा कि यदि 30 साल पुरानी घटना को याद दिलाकर वोट का जुगाड़ किया जा सकता है तो सात साल पहले जनता के साथ जुमलेबाजी कर की गई धोखेबाजी के साथ-साथ एक साल पूर्व की कोरोना की क्रूरता और भाजपा सरकार की असफलता, बेड, वेंटिलेटर, दवा, ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतें, अनगिनत चिताएं, गंगा में तैरती लाशें, नदी तट पर सनातन रीति-रिवाज के विरुद्ध रेतों में दफनाई गयी लाशें और उसके ऊपर से नोची गयी रामनामी को प्रदेश की जनता कैसे भूल पाएगी? साथ ही आर्टिकल१९ के खबर के अनुसार कोरोना मृतकों के आंकड़ों को 43 गुना कम दिखाने की सरकार की बेशर्मी को
प्रदेश की जनता कैसे भुला पाएगी?
चौधरी शम्स ने आगे कहा कि हिन्दू बनाम मुसलमान व साम्प्रदायिक उन्माद के अलावा भाजपा मण्डली के पास अन्य कोई मुद्दा है ही नहीं जिसको लेकर वह जनता के बीच जा सके। विकास, स्वास्थ, शिक्षा, रोजगार, महंगाई, महिला सुरक्षा, भुखमरी, खेती-किसानी, व्यपार व व्यपारियों की दयनीय स्थिति आदि के मुख्य मुद्दों पर बात करने की साहस भाजपा के पास नहीं है।
1 लाख ८२ हजार होमगार्ड्स, संविदाकर्मी, शिक्षामित्र, अन्य शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की पीड़ा, 4०००० शिक्षकों के पद समाप्त, 1 लाख प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त, पुलिस विभाग की भर्तियों में 25 हजार ट्रेनिंग प्राप्त जवानों को नियुक्तियां न मिलना, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 12 भर्तियों का आजतक नियुक्तियों का न मिलना, मदरसा आधुनिक शिक्षकों का मानदेय न मिलना जिसके कारण वे दाने दाने के मोहताज हो गए हैं, नई भर्तियों पर रोक, नियुक्तियों के सवाल पर लाठियों से जवाब मिलने आदि को जिसे प्रदेश की जनता भोग व देख रही है कैसे भूल पायेगी?
“भाजपा सरकार” में यदि कोई सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है तो वो है प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला युवा वर्ग। भाजपा की योगी सरकार में प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक होना एक परम्परा सी बन गयी है। शिक्षा के क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। पिछले पांच सालों में बेरोजगारी बढ़ी है।
वर्ल्डबैंक व अर्थव्यवस्था की निगरानी के लिए केंद्र (सीएमआइइ) के मुताबिक हमारे देश में २४ प्रतिशत से ज्यादा बेरोजगारी है। पेपरलीक और बेरोजगारी के विरोध में सड़कों पर उतरे नौजवानों पर भाजपा सरकार द्वारा लाठियां बरसाने को क्या नौजवान भूल जाएंगे?
किसानप्रधान उत्तरप्रदेश की जनता लखीमपुर खीरी की घटना, गन्ने का बकाया मूल्य, धान का मूल्य न मिलने, बढ़ती बेरोजगारी, डीजल व पेट्रोल की बेतहासा बढ़ती कीमतें और महंगाई को कैसे भूल सकती है?
भाजपा ने हर बार खेती-किसानी को निशाना बनाया। पहले भूमि-अधिग्रहण बिल फिर कृषि क़ानून, दोनों बार भाजपा को जनशक्ति से हार माननी पड़ी है।
जिला सचिव चौधरी शमसुल होदा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश की जनता को इतिहास में न उलझावे बल्कि अपनी उपलब्धियों को गिनावे। वर्ष-२९१७ के अपने संकल्पपत्र की कार्यपूर्ति को सार्वजनिक करे। वर्तमान की प्रदेश की स्थिति कैसी है यह बताये। तमाम परेशानियों का दंश झेल रही प्रदेश की जनता को गुमराह करना आसान नहीं है। भाजपा सरकार की शोषणकारी नीतियों का खामियाजा भुगत रही प्रदेश की जनता को चुनाव का इंतजार था जो अब आ गया है। प्रदेशवासियों ने भाजपा सरकार की शोषणकारी व्यवस्था से छुटकारा पाने के लिए अपना विकल्प समाजवादी पार्टी को चुन लिया है। प्रदेश की जनता यह भलीभांति जानती है कि समाजवादी पार्टी की सीधी लड़ाई भाजपा से है और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए समाजवादी पार्टी को ही वोट करना होगा। प्रदेश की जनता किसी के भी बहकावे में नहीं आने वाली है। पश्चिम बंगाल में गाना “खेला होबे” के धमाल के बाद उत्तरप्रदेश में भी गाना “खदेड़ा होबे” का धूम मचा हुआ है, जिसका शोर पूरे प्रदेश में गूंज रहा है। उत्तरप्रदेश की जनता का जुड़ाव जिस तेजी से सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मा० अखिलेश यादव व समाजवादी गठबंधन के साथ हो रहा है को देखते हुए यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि चुनाव परिणाम ठीक पश्चिम बंगाल की तरह आयेगा और भाजपा का उत्तरप्रदेश से सफाया हो जायेगा। पूर्वांचल के विधानसभा फाजिलनगर (332) के सपा प्रत्याशी मा० स्वामी प्रसाद मौर्य व जिला कुशीनगर के अन्य सपा प्रत्याशियों के पक्ष में जिस तरह लोगों का जुड़ाव हो रहा है को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जिला कुशीनगर की सभी सीटें सपा जीतने जा रही है।
इस दौरान अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक लिमिटेड लखनऊ, पूर्व ब्लॉक प्रमुख लकी खान, प्रधान नबीरसूल अंसारी, प्रधान अजय पांडेय, मेहराब खान, शाहनवाज़ खान, मिनहाज़ खान, डॉ० सलामत अंसारी, सपा नेता लखीचन्द यादव, राजकिशोर जयसवाल, ऋषिकेश यादव, ओमप्रकाश यादव, सत्यप्रकाश, शम्भू पटेल, विशाल पटेल, ताज मोहम्मद, नितेश कुमार चौबे, अनवर अली अंसारी, जलालुद्दीन अंसारी, सलीम अंसारी, मनीष सिंह, वरिष्ठ सपा नेता ओमप्रकाश यादव, मंसूर अली आदि सपा नेतागण व कार्यकर्तागण मौके पर मौजूद रहे।