खड्डा/कुशीनगर। खड्डा विकास खंड के भैसहा गांव के समीप से प्रवाहित नारायणी नदी में शनिवार को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुहूर्त से ही पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लगाई। मान्यता के अनुसार बुजुर्ग दम्पति ने गोदान भी किया। घाट पर स्नान, दान के बाद मां भैसहा वाली का दर्शन कर परिवार के सुख, समृद्धि की प्रार्थना की।
कोरोना की वजह से बीते दो वर्षों से बाधित पारंपरिक चैत्रवर्णी मेला में दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की भीड़ जुटी। सभी श्रद्धालु मंदिर पहुंच माता के पिंडी रूप का पूजा किये। जबकि कुछ मन्नत के अनुसार बच्चों का मुंडन संस्कार कराये।
सुरक्षा व्यवस्था में मुश्तैद दिखी प्रशासन पुलिस: एसडीएम श्रीमती उपमा पाण्डेय, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, खड्डा व हनुमानगंज पुलिस मुख्य मंदिर से लेकर नदी तक मुश्तैद रही। जगह-जगह महिला पुलिस को लगाया गया था। प्रभारी निरीक्षक धनवीर सिंह, हनुमानगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार, फायर विग्रेड़ आदि मेला क्षेत्र में मुश्तैद दिखे।
बड़े वाहन को पुलिस ने मेला से दूर खेत में बने पार्किंग में कराया शिफ्ट: दूर दराज के लोगों के बस, टैम्पू और निजी साधन से अधिक संख्या में पहुंचने की वजह से भैसहां सहित आसपास के गांवों में गाड़ियों का जमावड़ा लग गया। पुलिस ने जगह जगह उनका पार्किंग करा खड़ा कराया। लोग दो से तीन किमी पैदल चलकर नदी तट तक पहुंचे। मेला में लकड़ी व लोहे से निर्मित सामान, सौंदर्य प्रसाधन के समान, मसाला, तेजपत्ता, बेल आदि की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीददारी की।
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