कुशीनगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रायोजित कल्प ‘राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा’ के तहत पूर्वोत्तर भारत के 8 राज्यों अरुणाचल, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, आसाम, एवं सिक्किम से आए कुल 30 शील यात्रियों ने कुशीनगर का भ्रमण किया।
कुशीनगर में यात्रियों का स्वागत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ निगम मौर्य के नेतृत्व में जनपद के कार्यकर्ताओं ने किया। महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन पूजन और रामाभार स्तूप का दर्शन करने के पश्चात शील यात्रियों पुलिस अधीक्षक कुशीनगर धवल जायसवाल के यहाँ चाय पर गए। जहां सभी यात्रियों ने पुलिस कप्तान के साथ अपने अनुभव साझा किये। धवल जायसवाल जी ने जनपद की स्थिति और कानून व्यवस्था की जानकारी दी और यात्रियों के साथ देश के बारे में अपना अनुभव साझा किया। पुलिस अधीक्षक ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी काफी पूरी तन्मयता से जवाब दिया। सायं काल में वापसी के समय जनपद के गणमान्य लोगों के साथ सील यात्रियों की बैठक जिसमें सभी को स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र देकर विदा किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक मणि त्रिपाठी ने अपने अनुभवों को बताया। आपने छात्रों को राष्ट्रधर्म के निर्वाहन की भी सीख दी। समाजसेवी राकेश जायसवाल ने राष्ट्र की एकता और अखंडता हेतु इन यात्राओं को महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता सुमित त्रिपाठी शील यात्रा के समय पूर्वोत्तर भारत के अपने अनुभवों के बारे में बताया।
आपने कहाकि पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक छटा जितनी निराली है उतना ही आत्मीय और मनमोहक वहाँ की संस्कृति और लोग हैं।शील यात्रियों में अपोत्सो चिकरो, रबिकिरन रविचंद्रन, प्रांजल राभा और अनूप राभा आदि ने कुशीनगर जनपद के अपने अनुभवों को लोगों से साझा किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कुशीनगर की तरफ से प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ निगम मौर्य के नेतृत्व में सभी यात्रियों को स्मृतिचिह्न और अंगवस्त्र प्रदान कर भावुक हृदय से उत्सवधर्मी माहौल में विदा किया गया। सभी यात्री 6 फरवरी को गोरखपुर से अपने गंतव्य हेतु रवाना होंगे।
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