कसया/कुशीनगर। नेशनल हाईवे ब्रिज के नीचे नयी दिशा पर्यावरण सेवा संस्थान द्वारा डॉ0 रितेश सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग, बुद्ध पीजी कॉलेज, कुशीनगर के संयोजन में सहयोग की छतरी लगाई गई थी और लोगों से आग्रह किया गया था कि जो सक्षम हों वे यहां जरूरतमंदों हेतु उपयोग में लाने योग्य कपड़े रखें और जिन्हें जरूरत हो वे यहां से निःसंकोच अपनी आवश्यकता हेतु कपड़े ले जाएं। इस क्रम में पिछली ठंड से ही सक्षम लोगों के कपड़े रखने और जरूरतमंदों के कपड़े ले जाने का क्रम अनवरत चल रहा।
संस्था सचिव डॉ0 हरिओम मिश्र ने बताया कि कसया नेशनल हाइवे ब्रिज के नीचे का स्थान सामान्यतया भीड़ भाड़ से रहित और धूल, ओस, वर्षा जल इत्यादि से सुरक्षित है। यह स्थल जरूरतमंदों के लिए आश्रय का कार्य भी करता है और यहां प्रायः आश्रयहीन जरूरतमंद आश्रय लेते देखे जा सकते हैं। इसलिए मानवता की रक्षा हेतु संस्थान द्वारा डॉ0 रितेश सिंह के सहयोग से उनके संयोजन में इस स्थल का चयन कर यहां पिछली ठंड में सहयोग की छतरी लगाई गई थी जिसे ठंड के बाद गर्मी में भी लोगों का सहयोग मिला और अब ठंड में भी मिल रहा है। भीड़ भाड़ न होने की वजह से जरूरतमंदों को कपड़े देखने व लेने में संकोच नही होता।
संयोजक डॉ0 रितेश सिंह ने कहा कि मानवता को बचाने के लिए सहयोग की छतरी एक छोटा सा प्रयास है जो जन सहयोग से जरूरतमंदों की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त कर रहा। उन्होंने कहा कि ठंड में लोगों की जरूरत के हिसाब से इस छतरी की आवश्यकताएं बढ़ जाती है। अतः सक्षम लोगों से आग्रह है कि उपयोग में लाने लायक कपड़े यहां रख कर इस छतरी के सहयोगी बनें जिससे यह जरूरतमंदों की सहयोगी बन मानवता को बचाती रहे।
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