गोरखपुर। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अनुभाग गोरखपुर ने यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम ने अंतर्राज्यीय मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गैंग लीडर समेत दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी व लूट के 81 अदद मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे मोदक राजेश डी, पुलिस उपमहानिरीक्षक रेलवे लखनऊ सुधा सिंह के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया व ट्रेनों में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी है।
प्रभारी निरीक्षक जीआरपी गोरखपुर अनुज सिंह के कुशल नेतृत्व और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे विनोद कुमार के निकट पर्यवेक्षण में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम लगातार सघन चेकिंग कर रही थी। इसी क्रम में दिनांक 06 जनवरी 2026 को रेलवे स्टेशन गोरखपुर के भाप इंजन के पास से दो शातिर अभियुक्तों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में
संदीप आहुजा पुत्र राकेश, निवासी जालंधर (पंजाब), उम्र करीब 39 वर्ष (गैंग लीडर),पंकज सैनी पुत्र देवेंद्र कुमार, निवासी धनघटा, जनपद संतकबीर नगर, उम्र करीब 27 वर्ष के कब्जे से तीन बैगों में रखे गए विभिन्न कंपनियों के 81 चोरी/लूट के मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बोले जीआरपी प्रभारी गोरखपुर !
इस संवाददाता के प्रश्नों को उत्तर देते हुए जीआरपी प्रभारी निरीक्षक गोरखपुर अनुज कुमार सिंह ने बताया कि विगत पूर्व 23 दिसंबर 2025 को इसी गिरोह के सदस्य हृतिक जायसवाल को 54 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में हृतिक ने संदीप आहुजा और पंकज सैनी के नाम उजागर किए थे, जिसके बाद जीआरपी टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तार गैंग लीडर संदीप आहुजा ने कबूल किया कि वह मोबाइल चोरी का संगठित गिरोह चलाता है। विभिन्न राज्यों से चोरी किए गए मोबाइल फोन नेपाल ले जाकर बेचता था और इसी से गैंग का खर्च चलता था। इस बार भी बड़ी खेप लेकर ट्रेन से बाहर जाने की फिराक में था, लेकिन जीआरपी की मुस्तैदी ने पूरे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
आपराधिक इतिहास
गैंग लीडर संदीप आहुजा पर कर्नाटक, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं, जबकि पंकज सैनी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में
प्रभारी निरीक्षक अनुज सिंह के नेतृत्व में जीआरपी गोरखपुर की टीम में उपनिरीक्षक शमशीर अहमद, सरोज प्रसाद, दिग्विजय सिंह परमार, हेड कांस्टेबल आशुतोष सिंह, आशुतोष मिश्रा, अनुराग सिंह, कांस्टेबल सत्यवीर सिंह, बृजेश यादव (सर्विलांस सेल) शामिल रहे।
जीआरपी गोरखपुर की इस सटीक और साहसिक कार्रवाई से रेलवे क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। प्रभारी निरीक्षक अनुज सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को रेलवे पुलिस की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कुशीनगर। गोरखपुर परियोजना निदेशक कार्यालय के परियोजना निदेशक पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप अब…
गोरखपुर। जीआरपी थाना गोरखपुर पुलिस टीम ने ईमानदारी और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते…
गोरखपुर । राजकीय रेलवे पुलिस थाना जीआरपी गोरखपुर अनुभाग द्वारा रेलवे सुरक्षा को लेकर…
गोरखपुर । 15 वर्षीय सुप्रिया चौबे ने फॉरएवर मिस टीन इंडिया 2025 सिटी फिनाले…