Reported By: न्यूज अड्डा डेस्क
Published on: Jul 17, 2020 | 5:40 AM
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बिहार में किसकी सरकार है? सरकार में बैठे लोगों से यह पूछने पर जवाब मिलता है ‘सुशासन की सरकार.’
वहीं विपक्ष के नेताओं से जवाब उल्टा मिलता है. कोई कहता है भ्रष्ट सरकार है, कोई कहता है डबल इंजन की सरकार है, कोई कुछ भी कह देता है.
लेकिन पिछले तीन दिनों से बिहार के अलग-अलग ज़िलों से जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो बता रहीं हैं कि बिहार में सबकुछ अच्छा नहीं है.
एक ओर जहाँ बिहार में कोरोना वायरस का विस्फोट हो चुका है और पिछले तीन दिनों से रोज़ाना हज़ार से ज़्यादा नए मामले आ रहे हैं, अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है.
वहीं दूसरी ओर बाढ़ ने भी बिहार में तबाही मचानी शुरू कर दी है. उत्तरी बिहार और कोसी क्षेत्र के इलाक़ों के सैकड़ों गाँवों में बाढ़ का पानी घुस गया है.
पहली तस्वीर बिहार के गोपालगंज ज़िले से है जिसमें नवनिर्मित पुल का एप्रोच रोड टूटा हुआ दिखाई देता है.
रिकॉर्ड्स के मुताबिक़, गंडक नदी के ऊपर गोपालगंज के सत्तरघाट के पास बने इस पुल का उद्घाटन इसी साल 16 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए किया था.
209.39 करोड़ की लागत से बने पुल के उद्घाटन के महज़ 29 दिन बाद ही इसका एप्रोच रोड टूट गया है. पुल पर आवागमन बंद है.
गोपालगंज के डीएम अरशद अज़ीज़ ने बताया, “गंडक में पानी का दबाव ज़्यादा हो जाने की वजह से एप्रोच रोड टूटा है. पुल को किसी तरह की क्षति नहीं हुई है. कटाव और अधिक न हो इसके लिए उपाय कर दिए गए हैं.”
गोपालगंज, छपरा, सिवान आदि को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले इस पुल के एप्रोच रोड के इतनी जल्दी टूट जाने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचारी होने का इल्ज़ाम लगाया है.
उनका कहना है, “263 करोड़ से आठ साल में बना लेकिन मात्र 29 दिनों में ही ढह गया पुल. संगठित भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह नीतीश जी इस पर एक शब्द नहीं बोलेंगे और ना ही साइकिल से रेंज रोवर की सवारी कराने वाले भ्रष्टाचारी सहपाठी पथ निर्माण मंत्री को बर्खास्त करेंगे. बिहार में चारों ओर लूट ही लूट मची है ”
दूसरी तस्वीर मेडिकल स्टोर के गेट पर मर गया कोरोना का मरीज़
मीडिया पर बिहार की एक और वायरल तस्वीर भागलपुर की है. जिसमें कथित तौर पर एक आदमी की दवा दुकान की गेट पर मौत हो गई.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को दिन में लगभग 11:30 बजे अस्थमा का रोगी युवक दुकान पर इनहेलर लेने के लिए आया था. दवा लेने से पहले ही गेट पर उनकी मौत हो गई. युवक की कोरोना जाँच रिपोर्ट शाम में आई, जो पॉज़िटिव थी.
भागलपुर के एक स्थानीय निवासी न्यूज अड्डा को बताते हैं, “सबसे हैरान कर देने वाली बात ये रही कि युवक की लाश उसी स्थिति में गेट पर ही पांच घंटे से अधिक समय तक पड़ी रही. पुलिस आई लेकिन उसने कुछ नहीं किया. एंबुलेंस आई लेकिन लौट गई. आख़िर में किसी तरह नगर निगम की ओर से दो लोगों को भेजा गया, लेकिन उनके पास पीपीई किट ही नहीं थी. बगल वाले दुकान से पीपीई किट मंगाई गई और तब जाकर शव को वहाँ से अस्पताल ले जाया गया.”
भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रभारी अधीक्षक डॉ. कुमार गौरव ने कहा, “ऐसी घटना हो जाने के बाद लोगों को तत्काल एंबुलेंस के लिए कॉल करना चाहिए था. जहाँ तक देरी की बात है तो यह जगज़ाहिर है कि हमारे पास आदमियों की कमी है. अधिकांश मेडिकल स्टाफ़ के संक्रमित हो जाने की वजह से हम मैनपावर की भारी कमी से गुज़र रहे हैं.”
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