नई दिल्ली :- श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अपनें घर की ओर यात्रा करने वाले 80 प्रवासी मजदूरों की अबतक मौत हो चुकी हैं. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के डेटा से इस बात का खुलासा हुआ है. ये आंकड़े 9 मई से लेकर 27 मई तक के हैं. बता दें कि लॉकडाउन लागू होने के चलते लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग शहरों में फंस गए. ऐसे में केंद्र सरकार ने मई के पहले हफ्ते से इन्हें अपने-अपने घर भेजना शुरू किया था.
यह आकंडा अभी और बढ सकता है:
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, RPF के एक अधिकारी ने मौत के आंकड़ों की पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा है कि ये शुरुआती लिस्ट है. इस सिलसिले में फाइनल लिस्ट राज्यों से बात करने के बाद तैयार की जाएगी. यानी मौत का ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है. बुधवार को खबर आई थी कि पिछले कुछ दिनों में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 9 लोगों की मौत हो गई है.
कोई जोन सुरक्षित नही हर जोन से आ रही है मौत कि रिपोर्ट:
श्रमिकों की मौत रेलवे के लगभग सारे जोन में हुई है. उत्तर-मध्य जोन में अब तक 19 प्रवासियों की मौत हुई है. उत्तर-पूर्व रेलवे जोन से 18 लोगों की मौत की खबर है. ईस्ट-कोस्ट रेलवे जोन में 13 प्रवासियों की जान गई. मरने वालों की उम्र 4-85 साल के बीच है. ट्रेन 1 मई से चलनी शुरू हुई थी. लेकिन 1-8 मई के बीच कितने लोगों की मौत हुई या फिर नहीं हुई इसके आंकड़े फिलहाल उपलब्ध नहीं है.
मौत पर रेलवे की सफाई:
रेलवे ने मौत को लेकर बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की श्रमिक ट्रेनों में मौत के कुछ दुर्भाग्यपूर्ण मामले सामने आए हैं. ऐसा देखा गया है कि पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे कुछ लोग श्रमिक ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं, जिससे कोविड-19 संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही ये भी कहा गया कि कई लोग इलाज करने के लिए शहर गए थे.
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