खड्डा/कुशीनगर। खड्डा तहसील क्षेत्र के नदी पार बसे गांवों में बाढ़ का पानी गांवों में पहुंच गया। नेपाल के पहाड़ियों पर अत्यधिक बारिश दियारा के गांवों में तबाही मचाने को आतुर है। शनिवार को नदी पार के गांवों से खेतों में काम करने गए लगभग 60 मजदूर निचले इलाकों में शाम को बाढ़ का पानी भर जाने से फंस गए, महिलाओं और बच्चों ने भूखे प्यासे खरपतवार और सूखी लकड़ी को इकट्ठा कर ऊंचा स्थान बनाकर रात में शरण लिए। सुबह जानकारी होने पर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही विधायक विवेकानंद पाण्डेय, डीएम उमेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक धवल सहित एसडीएम आदि अधिकारी बिहार से होते हुए प्रभावित गांवों में पहुंच कर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ टीम के सहयोग से सभी फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू टीम ने सकुशल गांव वापस कराया। बताते चलें कि कि बाल्मीकि गण्डक वैराज से शनिवार को 4 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़े जाने की चेतावनी के बाद खड्डा तहसील प्रशासन एलर्ट मोड़ में आ गया। नदी पार बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की संभावना से सतर्क करने के लिए डुग्गी मुनादी करा सतर्क किया। गण्डक बैराज से शनिवार की रात 9 बजे 3 लाख 14 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जो रविवार की सुबह लगातार बढ़ते हुए 3 लाख 36 हजार 500 क्यूसेक तो 7 बजे 4लाख 40 हजार 750 क्यूसेक होने के कारण रेता क्षेत्र के गांव बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरचहवां, नरायनपुर में पानी घुसना शुरू हो गया है जबकि नीचले खेत का एरिया पानी से लबालब भर गया है।
धीरे धीरे डिस्चार्ज कम होने से संभावना जताई जा रही है कि गांव से एक दो दिनों में पानी हट जाएगा। फिलहाल प्रशासन बाढ़ से घिरे लोगों के भोजन, पानी, चिकित्सा आदि व्यवस्थाओं में जुटी हुई है।
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