रामकोला/कुशीनगर । नये कानूनों की जानकारी सभी नागरिकों तक पहुँच सके। इसके लिए थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह ने सोमवार को थाना परिसर में पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के सभ्रांत व्यक्तियों के साथ एक बैठक आयोजित की।बैठक में आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल ही में किए गए संशोधनों की महत्वपूर्णता पर प्रकाश डाला।
थाना प्रभारी निरीक्षक श्री सिंह ने तीन नये क़ानून के बारे में बताते हुये कहा की हम सभी जानते है कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एवं सामाजिक समस्या के निराकरण के लिए कानून की आवश्यकता होती है। श्री सिंह ने भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की। श्री सिंह ने बताया कि मुख्यतः पुराने कानून ब्रिटिश काल से चले आ रहे थे। जिसे प्रासंगिक बनाने के लिए एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का समाधान करने के लिए परिवर्तन किया गया है। इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों को प्रक्रिया का पालन करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। प्रकरणों के निराकरण के लिए समय निर्धारित किया गया है। पीड़ित पक्ष को ध्यान में रखा गया है। शीघ्र निराकरण होने से दोनों पक्षों के लिए राहत है। पीड़ित पक्षकार को ई-साक्ष्य, जीरो-एफआईआर, ई-एफआईआर से राहत मिलेगी। बहुत अच्छी मंशा के साथ नया कानून बना है। सभी नागरिकों को इसका फायदा मिलेगा। दोषी अपराधियों को सजा जल्दी मिलेगी। जिससे समाज में एक अच्छा प्रभाव एवं परिवर्तन दिखाई देगा। पीड़ित पक्ष को न्याय जल्दी मिलेगा। अनेक धाराओं के संख्या का भी संशोधन हुआ है। जैसे आइपीसी की धारा 302 के स्थान पर बीएनएस धारा 103 हुआ है।
एस. आइ. आकाश सिंह ने कहा कि कानूनों में एकरूपता लाने के लिए नया कानून लाया गया है। इसमें विडियो का साक्ष्य महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि देरी से मिला न्याय, अन्याय के समान होता है। उन्होंने बताया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए नये कानूनों में समय का निर्धारण किया गया है। इसमें पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए है। उन्होंने बताया कि सभी के लिए आवश्यक है कि स्वयं भी इन कानूनों को समझें तथा दूसरों को भी जागरूक करें। अब किसी भी थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
एस. आइ. विकास मौर्य ने बताया कि इस नये कानून में पीड़ित पक्ष को न्याय समय पर मिले। पुलिस समय पर विवेचना करें। पुलिस, विवेचक, प्रार्थी, गवाह, पीड़ित सबके लिए एक अच्छा परिवर्तन है।उन्होंने बताया कि झूठे मामलों में शिकायत कर्ता की पूरी जवाबदेही होगी और उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।
इस दौरान राजेश राव, अजय सिंह उर्फ नन्हे सिंह, साधू शरण सिंह राजू, राजेश सिंह, रणजीत प्रसाद, सभासद आलोक गुप्ता, सभासद मैनूद्दीन उर्फ मैना, पंकज शाही, निखिल उपाध्याय, सुरेश अग्रवाल, बुनेला गुप्ता, भगवंत कुशवाहा सहित आदि जनप्रतिनिधि व व्यवसायी तथा सभ्रांत व्यक्तियों के अलावा अपराध नि0 संतोष कुमार श्रीवास्तव, एस.आइ. मारकण्डे सिंह, एस.आइ.सुशील चौरसिया, एस.आइ. उपेन्द्र यादव, लक्ष्मण सिंह, प्रदीप सिंह, अमित सिंह आदि उपस्थित रहे।
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