हाटा/कुशीनगर। श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के98वें स्थापना दिवस पर देश के ख्यातिलब्ध संस्कृत के दो विद्वानों को श्रीनाथ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

उक्त जानकारी देते हुए एक पत्रकार वार्ता में महाविद्यालय के प्रबंध तंत्र के मंत्री गंगेश्वर पाण्डेय ने कहा कि महाविद्यालय का स्थापना दिवस हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को मनाया जाता है। महाविद्यालय द्वारा संस्कृत के ख्यातिप्राप्त दो विद्वानों को श्रीनाथ सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष यह सम्मान 28 नवम्बर को दिन में 11 बजे समारोह में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद काशी के अध्यक्ष प्रो नागेंद्र पाण्डेय एवम् व्रह्मविद्या मंदिर संस्कृत महाविद्यालय वृंदावन के प्राचार्य डाँ रिपुसूदन मिश्र को दिया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो मुरली मनोहर पाठक कुलपति श्री लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय न ई दिल्ली एवम् अध्यक्ष प्रो हरेराम त्रिपाठी कुलपति सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी होंगे।

विशिष्ट अतिथि विधायक मोहन वर्मा, सारस्वत अतिथि प्रो शीतला प्रसाद शुक्ल, अध्यक्ष पुराण लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, एवम् मुख्य वक्ता डाँ मार्कण्डेय नाथ तिवारी लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय होगें।

जिसमें डीडीयू गोरखपुर के संस्कृत विभाग में सहायक आचार्य डाँ लक्ष्मी मिश्रा भी उपस्थित रहेगी।इस दौरान शोध पत्रिका पावन ज्योति, एवम् प्राचार्य डा राजेश कुमार चतुर्वेदी की पुस्तक धर्मशास्त्र के कालजयी सिद्धांत व हिन्दी विभाग के सहायक प्रो मोहन पाण्डेय के भोजपुरी गीत संग्रह’जिनगी के गीत’का लोकार्पण भी होगा।