उपेन्द्र कुशवाहा/न्यूज अड्डा
पडरौना। क्षेत्र के सिधुवा मंदिर पर बृहस्पतिवार को ब्रह्म बेला से ही भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी जो देर शाम तक चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए आधा दर्जन थानों की पुलिस तथा पीएसी के जवानों की तैनाती की गयी थी।
महाशिवरात्रि के पर्व पर बृहस्पतिवार को महिलाएं मंगल चरण गाते हुए आसपास गाँवो की पगडंडी रास्तों से होकर भगवान शिव के दर्शन के लिए आने लगी,मंदिर में आधी रात के बाद मठाधीश्वर पंडित योगेश्वर नाथ त्रिपाठी एवं सहयोगियो के द्वारा महाशिव आरती पूजन के उपरांत मंदिर का पट खोल दिया गया। ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नही करना पड़े। । सभी शिव भक्तों ने अपने हाथों में धतूर, अक्षत, गुड़, चन्दन, मधु, दूध, गंगाजल व पूजन सामग्री लिए हुए भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मन्नतें मांगी। भक्तों की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुष शिव भक्तों की अलग अलग कतारे बनाई गयी थी। जो क्रमवार से मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। पौराणिक मान्यता के अनुसार शिव और पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि के ही दिन फाल्गुन मास की त्रयोदशी तिथि को हुआ था। इसीलिए महिलाए लम्बी सुहाग के लिए व्रत व पूजन करती है। रात्री जागरण कर भगवान शिव की अराधना कर भगवान शिव को प्रसंन किया जाता है। पं. योगेश्वर नाथ त्रिपाठी कहते है। कि समुन्द्र मंथन के समय निकले हलाहल विष को लेकर देवताओं में बेचैनी बढ़ गई। देवता गण इस विष को लेकर भगवान आशुतोष के पास पहुचे। जहा भवगान शिव से विष के निदान कर जगत के कल्याण का उपाय पूछा। भगवान शिव ने लोक कल्याण के लिए विष को अपने कंठ में समाहित कर लिया। जिससे उनका कंद नीला हो गया। जिससे भगवान शिव का एक नाम नीलकंठ भी कहा गया है। विष धारण के बाद वे उद्विन्न हो गए। उन्हें शांत करने के लिए भगवान श्रीहरि विष्णु ने दूध, दही, घी, शहद के साथ गंगाजल से स्नान कराए। देवताओं ने भी उनको जलाभिषेक किया।
मेले की सुरक्षा में कोतवाली पडरौना पुलिस के साथ भारी संख्या पीएसी के जवान रहे तैनात
सिधुवा मंदिर के मुख्य गेट पर लगी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल को तैनात किया गया था। मेले मे आने जाने व मंदिर के अन्दर की गतिविधियो की निगरानी सी सी कैमरे से की जा रही थी। मंदिर परिसर में लगे मेले में आसपास तथा बाहर से आए लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोतवाली पडरौना पुलिस के अलावा पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। मेले मे अर्द्ध रात्रि से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने शिव लिंग पर जलाभिषेक किया। इसके अलावा क्षेत्र में शिव भक्तो ने श्रद्धा आस्था व विश्वास के साथ भारी भीड़ में जलाभिषेक किया।
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