कुशीनगर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जब अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत देखने को मिली तब देश के लाखों लोगों की दिलचस्पी आयुर्वेद में काफी बढ़ी। इन दिनों तमाम लोग आयुर्वेद के जरिए ही घर में रहकर अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर रहे हैं। आयुर्वेद चिकित्सा का उपयोग विभिन्न स्थितियों के इलाज के लिए सदियों से किया जाता रहा है। आयुर्वेद एक ऐसी चिकित्सा है जो हमारे मन और शरीर दोनों को ठीक करने में कारगर है। यह कई पीढ़ियों से हमारे घर का हिस्सा रहा है लेकिन महामारी की शुरुआत के बाद से यह काफी चर्चा में शुमार हुआ है। इसी बीच जागरूकता और ज्ञान की कमी ने कई आयुर्वेदिक मिथकों को भी जन्म दे दिया है,मिथकों पर विश्वास नही रखना चाहिए।शहर के कुशीनगर स्थित राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में लगभग प्रत्येक सप्ताह में लभगभ 250-300 लोग का आते है व उनका समुचित ईलाज होता है।डॉ संतराम मौर्य ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद एवं योग को अपनाएं।आयुर्वेद ने विश्व को बिना दुष्प्रभाव के समूल रोग नाशक चिकित्सा पद्धति दी है।इस अवसर पर प्रमोद कुमार शुक्ला,सुरेश मिश्र,योग प्रशिक्षक आदित्य दुबे समेत लोग मौजूद रहे।।
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