Reported By: न्यूज अड्डा डेस्क
Published on: Oct 11, 2020 | 3:51 PM
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वेदप्रकाश मिश्र/न्यूज़ अड्डा
हाटा (कुशीनगर)। साहित्यिक,सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था “संदेश” की नियमित मासिक कवि गोष्ठी(282वीं) का आयोजन श्री नाथ संस्कृत महाविद्यालय में त्रिलोकी त्रिपाठी ‘चंचरीक’ की अध्यक्षता में हुआ, जिसके मुख्य अतिथि नूर सुल्तानी साहब रहे, संचालन लियाकत अली ‘जौहर’ ने किया। विशिष्ट अतिथि समी बहुआरवी(सिवान) डॉ. सईद अय्यूब(दिल्ली) रहे।
कोविद-19 से संबंधित शासन द्वारा जारी नियम निर्देशों का पालन करते हुए गोष्ठी अग्रसर हुई।
माँ शारदे की वंदना पूजा पाण्डेय ने किया।युवा कवि विक्की मद्धेशिया ने देशभक्ति की कविता से गोष्ठी में नई ऊर्जा पैदा की।
शैलेन्द्र ‘असीम’ ने ….
‘पलकों पर आँसू मुस्काये,
ऐसे गीत मिले।
सारे घाव गुलाब हो गये,
जब जब मीत मिले।।
पढ़कर अभूतपूर्व प्रस्तुति दी।
युवा शायर असलम वैरागी ने निर्गुण की प्रस्तुति कर वातावरण को मुग्ध कर दिया।
विकास चौरसिया ने ——
फर्क क्या जीवन – मरण में
जब न तड़प की अनुरण हो।
मशहूर शायर अर्शी बस्तवी —-
मुद्दतो शोलो पर चलने का हुनर सिखा है
तब कहीं जाके मोहब्बत को निभाना आया
पढ़कर सामयिक प्रस्तुति दी।
इम्त्याज समर की गजल सराही गयी…
हँसना है आपकी फितरत ये माना लेकिन।
इस तरह तो सबसे हँस कर नहीं बोला करते।।
डॉ. सईद अय्यूब की कहानी “घुग्घुर रानी” लोक व्यंजना की प्रतिष्ठा कर प्रशंसित हुई।
संस्था के उपाध्यक्ष एड.अब्दुल हमीद “आरजू” संस्था प्रबन्धक- अनिल त्रिपाठी, मधुसूदन मिश्र, अभिषेक पाण्डेय, अजन्त गर्ग, कुमारी भावना दुबे, पंकज मणि त्रिपाठी ,वरिष्ठ कवि गोमल यादव, लोक प्रतिष्ठ कवि परमानन्द ‘परम’, नूरी साहब, विनोद पाण्डेय, डी. के. पाण्डेय, असलम निजामी, रामप्यारे भारती, अश्वनी द्विवेदी, आदित्य तिवारी, रामजी कुशवाहा,सच्चिदानन्द पाण्डेय ने गोष्ठी में स्वर सरिता स्रवित की।
बतौर श्रोता मृत्युंजय मिश्र,अभिषेक गुप्ता एवं – संदीप मिश्र, अर्जुन वेदांत, आशीष सिंह की जोरदार उपस्थिति रहीं।
Topics: अड्डा ब्रेकिंग हाटा