_स्कूल में लगा रहता है ताला और गायब रहते हैं शिक्षक_
तमकुही, कुशीनगर । कोरोना काल के चलते स्कूलों में पठन-पाठन कार्य बंद क्या हुआ कि स्कूली शिक्षकों की मौज हो गई। विशेषकर सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने स्कूल भी आना छोड़ दिया है, जबकि विभागीय आदेशानुसार सभी शिक्षकों को ससमय विद्यालय पहुंचना अनिवार्य है, लेकिन कुछ विद्यालयों को छोड़कर अधिकांश विद्यालय के हेडमास्टर सहित शिक्षक स्कूल में ताला लगाकर विद्यालय से गायब रहते हैं।
इस बाबत लोगों का कहना है कि कोरोना काल में विद्यालय सही से नहीं खुला है। महीना में एक से दो दिन विद्यालय खुलता है और फिर शिक्षक हाजिरी बना गायब हो जाते हैं। यदि कहीं-कहीं विद्यालय खुलता भी तो अकेले प्रधानाध्यापक स्कूल पहुंचते हैं और एक घंटा अपना उपस्थित दर्ज कर निकल जाते हैं। जबकि प्रशासन का सख्त निर्देश है कि सभी शिक्षक विद्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थित बनाएंगे और निर्धारित समयावधि बीतने के बाद ही विद्यालय छोड़ेंगे। अब सवाल उठता है कि जब शिक्षक स्कूल ही नहीं आते हैं तो उनकी हाजिरी कैसे बन जाती है। अगर सेवरही विकास खण्ड के खुदरा शुक्ल व तमकुही विकास खण्ड के धुरिया कोट, उगमटोला, खुदरा अहिरौली, देवरिया वृत, बिहार बुजुर्ग, नरहवा, सुल्तानपुर, लक्षियां, पकड़ी गोसाई, राजापाकड़, सहित माधोपुर बुजुर्ग, बरवा राजापाकड़, कोटवा टीकमपार, महुअवा देवरिया, तमकुही, सरेया, सेमरा हरदोपट्टी न्यायपंचायतो के ग्रामीण क्षेत्रो में स्थित परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण दूसरे विभाग से करा लिया जाय, तो सच्चाई से पर्दा उठता हुआ नजर आएगा।*
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