हाटा/कुशीनगर | किसान फसल की बुवाई के बाद यह आशा रखता है कि उसे अधिक से अधिक उपज प्राप्त होगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है। यह तभी संभव होगा जब वह बुवाई में उन्नतशील बीजों का इस्तेमाल करेगा।
उक्त बातें शनिवार को नगर के देवरिया मार्ग पर स्थित एक लाइन में बायोजीन सीड साइंसेज प्रा लिमिटेड द्वारा प्रायोजित व श्रीदेवेश सीड्स कंपनी द्वारा आयोजित कृषक गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक उदय राज मौर्य ने कही। उन्होंने कहा कि उन्नतशील बीजे कई वैज्ञानिक प्रयोगों के बाद तैयार किए जाते हैं। इसका जमान शत-प्रतिशत रहता है।
वही कृषि वैज्ञानिक पी वी स्वामी ने कहा कि किसानी के दौरान संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। फसलों में लगने वाले रोगों के प्रति सावधान रहना चाहिए तथा समय रहते रोगों का उपचार अवश्य करना चाहिए।
देवेश सीड्स के प्रोपराइटर व कृषि विशेषज्ञ प्रवीण कुमार वरनवाल ने कहा कि बसंत कालीन गन्ने की बुवाई करते समय किसानों को वैज्ञानिक विधि अपनानी चाहिए। गन्ने में लगने वाले रोगों के प्रति किसानों को काफी सतर्क रहना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही पूरी फसल को बर्बाद कर देगी। जैविक खादों के प्रयोग से उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है।
इस दौरान नागेंद्र सिंह, लाल बहादुर सिंह, परशुराम गुप्ता, बाल्मीकि राव, हरिकिशन, अनिल सिंह, संदीप राव, नर्वदेश्वर राव,चन्द्रभूषण सिंह,अरविंद बर्नवाल,अखिलेश चौधरी,अरुण सिंह,राजेश पांडेय,रामप्रताप चौहान,दुर्गाचरण बर्नवाल, गणेश कुशवाहा, भरत कुशवाहा, उमेश गुप्ता,श्रीराम कुशवाहा, सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।
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