हाटा/कुशीनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शुक्रवार दोपहर तहसील हाटा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय के अंतर्गत दर्ज तथा निस्तारित वादों की संख्या, दाखिल दफ्तरी, दाखिल खारिज के लंबित प्रकरणों तथा आर. के. अधिष्ठान कार्यालय में रखे राजस्व प्रपत्रों एवं नामांतरण बही आर 6 , धारा 34 व 36 के अंतर्गत दर्ज वादों की पत्रावलियों के लंबित मामलों का निरीक्षण किया।
उन्होंने तहसीलदार हाटा से प्रतिमाह दर्ज तथा निस्तारित वादों की संख्या, सबसे पुराने लंबित वादों के बारे में भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान लंबित वादों की संख्या के बारे में स्पष्ट उत्तर न देने , आर के कार्यालय में राजस्व अभिलेखों व प्रपत्रों के उचित रख रखाव नहीं होने तथा वादों के प्रकरणों के निस्तारण के पश्चात अभिलेखों में दर्ज करने में विलंब करने, वरासत के मामलों को आर 6 पर दर्ज करने में देरी करने तथा अव्यवस्थित व्यवस्था रहने के कारण जिलाधिकारी द्वारा तहसीलदार हाटा ,आर के अधिष्ठान/कार्यलय के कानूनगो/ राजस्व निरीक्षकों के कार्यों के प्रति कड़ी नाराजगी प्रकट की गई, साथ ही साथ नामांतरण बही अध्यतन न रहने के कारण जिलाधिकारी द्वारा रोष व्यक्त किया गया और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। साथ ही सभी राजस्व अभिलेखों को अध्यतन करने, निस्तारित वादों को दर्ज करने, वादों के निस्तारण और प्रतिदिन के कार्यालय के कार्यों के प्रति सतर्कता बरतने और कर्तव्यनिष्ठ होकर सजगता से कार्य करने के निर्देश दिए ।
तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा का भी औचक निरीक्षण किया गया। । निरीक्षण के दौरान भवन, हेल्थ एटीम, रोगियों के बेड ,ओपीडी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, चिकित्सक कार्यालय, रोगियों के भर्ती करने के कक्ष का , दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों/स्टाफ नर्स तथा अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ सफाई, शौचालय, विद्युत की उपलब्धता,स्टॉक रजिस्टर, औषधि प्राप्ति पंजिका आदि का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर अमित कुमार, चिकिसक डा प्रशांत एवं महिला चिकिसक से प्रतिमाह भर्ती तथा जांच कराने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या, एएनसी रजिस्ट्रेशन, रक्तचाप , डेंगू मलेरिया आदि के जांच एवं OPD में आने वाले मरीजों में वायरल बुखार से प्रभावित मरीजों ईलाज की जानकारी ली गयी। गर्भवती महिलाओं की भर्ती, जांच एवं पंजीकरण संख्या में कमी होने के कारण, चिकिसकों द्वारा बाहर की दवा लिखने के कारण, साफ सफाई उचित ढंग से न होने के कारण, प्रतिमास एएनसी पंजीकरण में घटोतरी होने पर जिलाधिकारी द्वारा रोष प्रकट किया गया और प्रभारी चिकित्साधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने व मुख्य चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आय हुए रोगियों से संवाद कर मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं और लिखी जाने वाली दवाइयों तथा उसकी उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरान उप जिलाधिकारी प्रभाकर सिंह, तहसीलदार नरेंद्र राम, नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, आर के कार्यालय के कानूनगो, लेखपाल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित कुमार, चिकित्सक प्रशांत, महिला चिकित्सक निधि उपाध्याय स्टाफ नर्स तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित है।
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