
गोरखपुर।
मकर संक्रांति के पावन पर्व से पहले गोरखनाथ मंदिर खूब सजा-संवरा नजर आ रहा है। फूलों, रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सजा पूरा परिसर भक्तों को बरबस अपनी ओर खींच रहा है। इसी बीच बुधवार को ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर पहुंचने लगी, जिससे गोरखपुर का यह प्रमुख धार्मिक केंद्र आस्था के रंग में रंग गया।सुबह की ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक फैली रहीं। हर तरफ “जय गोरखनाथ” के जयघोष गूंजते रहे।
फूलों और रोशनी से सजा मंदिर, बदला हुआ नजर आया परिसर
मकर संक्रांति को लेकर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है।
० मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक फूलों की भव्य सजावट
० शाम होते ही पूरे परिसर में आकर्षक लाइटिंग
० धार्मिक प्रतीकों और बैनरों से सजी गलियां
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार मंदिर की सजावट पहले से ज्यादा भव्य और आकर्षक नजर आ रही है।
भोर से देर रात तक दर्शन, आस्था में नहीं आई कोई कमी
मंदिर प्रशासन के अनुसार बुधवार को सुबह करीब 4 बजे से दर्शन शुरू हो गए थे दिन भर श्रद्धालुओं का आगमन बना रहा,
देर रात तक दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा
मकर संक्रांति के पुण्यकाल में गुरु गोरखनाथ का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु घंटों इंतज़ार करते दिखे।

योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद
मकर संक्रांति गोरखनाथ मंदिर का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
० मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस और पीएसी
० सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी
० प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग
० वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद
प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।

नए ब्रिज से ट्रैफिक में राहत, जाम से मिली बड़ी निजात
इस बार श्रद्धालुओं को यातायात के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।
० गोरखनाथ मंदिर को जोड़ने वाले नए ब्रिज चालू होने से वाहनों का दबाव अलग-अलग मार्गों पर बंट गया
० भारी भीड़ के बावजूद जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित रही।
० ट्रैफिक पुलिस लगातार मोर्चा संभाले रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से
० पीने के पानी की व्यवस्था
० प्राथमिक चिकित्सा शिविर
० महिला और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
० स्वयंसेवकों की तैनाती जैसे इंतज़ाम किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
आस्था, सजावट और व्यवस्था—तीनों का अद्भुत संगम

मकर संक्रांति से पहले खूब सजे गोरखनाथ मंदिर और उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साफ कर दिया कि यह पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि परंपरा और विश्वास का भी प्रतीक है।
गुरुवार को होने वाले मुख्य पर्व के साथ गोरखपुर एक बार फिर श्रद्धा और उत्सव के माहौल में डूब जाएगा।
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