हाटा/कुशीनगर। टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण की पोटली देने वाले सभी लोगो को मरीजों के प्रति भावनात्मक लगाव भी रखना चाहिये। इससे मरीज के अंदर हीनभावना का समावेश नही होता है। उक्त बातें बुधवार को न्यू पीएचसी सकरौली में आयोजित टीबी रोगियों के गोद कार्यक्रम में बोलते हुये चिकित्साधिकारी डॉ आनन्द मणि ने कही। डॉ मणि ने कहा कि हमें रोग से घृणा करना है रोगी से नही। हमारे लगाव से मरीज के अंदर हीनभावना का समावेश नही होगा और वह दवा के साथ पौष्टिक आहार का सेवन करके शीघ्र स्वस्थ हो सकता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये वरिष्ठ क्षयरोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक आशुतोष मिश्र ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही हम 2025 तक टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार कर सकते है। गोद लेने वाले व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को भी प्रेरित कर रहे टीबी रोगियों को गोद लेने के लिये यह कार्य टीबी रोग उन्मूलन में मील का पत्थर होगा। श्री मिश्र ने गोद लेने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति धन्यबाद ज्ञापित किया। गोद लेने में डॉ आनंद मणि,आयुष चिकित्सक डॉ बैजनाथ चौधरी,फॉर्मसिस्ट उमाशंकर दुबे द्वारा दो,एनएमए विजयप्रताप सिंह, हेल्थ वेलेन्स सेंटर सकरौली की सीएचओ मनीषा आर्य द्वारा एक मरीजों को पोषण की पोटली दी गया।
इसी क्रम में हेल्थ वेलनेस सेंटर रामपुर बुजुर्ग की सीएचओ जिया वर्मा द्वारा एक टीबी रोगी को गोद लेकर उसे पोषण की पोटली दी गयी। इस दौरान एएनएम लालमती देवी,वार्ड बॉय अनिल यादव,आशा कार्यकत्री विमला देवी,इंद्रावती देवी,संगीता देवी उपस्थित रही।
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