हाटा/कुशीनगर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिये स्थानीय सीएचसी पर कार्यरत वरिष्ठ क्षयरोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक आशुतोष कुमार मिश्र द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। सीएचसी पर जिन टीबी रोगियों का उपचार शुरू होता उनके प्रोटीनयुक्त आहार की व्यवस्था के लिये श्री मिश्र चिंतित हो जाते है और अपने व्यक्तिगत प्रयास से वे समाजसेवी,व्यवसायी तथा समाज के सम्भ्रांत व्यक्तियो से सम्पर्क कर मरीजों को गोद दिलाकर उन्हें पोषण की टोकरी उपचार चलने तक दिलवाते है।
श्री मिश्र द्वारा स्वयं दो मरीजों को गोद लेकर पोषण की टोकरी दी जा चुकी है और सोमवार को करमहा उग्रसेन निवासी टीबी मरीज जो बोल और सुन नही सकता है अर्थात श्रवण दिव्यांग टीबी मरीज को गोद लेकर उसे प्रोटीनयुक्त पोषण की टोकरी उसके घर पहुँचकर दिये एवं मरीज के साथ रह रही उसकी बुजुर्ग माँ स उसके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त कर उसे जरूरी सलाह भी दिये।
बताते चले कि टीबी यूनिट हाटा टीबी रोगियों को गोद लेने में जनपद में अग्रणी स्थान पर है। विगत वर्ष 2022 में जितने भी टीबी रोगियों का इलाज चला उनमें गोद हेतु सहमति देने वाले 234 को गोद दिलाकर उन्हें पोषण की टोकरी दी गयी। 2023 में भी इलाज ले रहे टीबी रोगियों की सहमति देने वाले 48 रोगियों को गोद दिलाकर उन्हें पोषण की पोटली दी जा रही है।डॉ प्रशांत मिश्र द्वारा एक्सडीआर मरीज को गोद लिया गया है।इनके द्वारा मरीज को लगातार आठवे माह मई की पोटली दी गयी।
इस दौरान एसटीएस राजीव राय,एल टीबी आई समन्वयक सुबोध उपाध्याय,ट्रीटमेंट सपोर्टर गुलाब प्रजापति भी उपस्थित रहे।
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