कुशीनगर। जिले के तरया सुजान थाना क्षेत्र के ओझवलिया गांव में खेत की खुदाई के दौरान कथित तौर पर मुगलकालीन सिक्के मिलने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सिक्कों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मच गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारियों की निगाहें पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राधेश्याम वर्मा के खेत में मंगलवार शाम जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान जमीन के अंदर से बड़ी संख्या में पुराने सिक्के निकलने की बात सामने आई। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बरामद सिक्कों का वजन लगभग 15 से 20 किलोग्राम तक हो सकता है और इन्हें मुगलकालीन बताया जा रहा है। हालांकि इसकी अभी तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, सिक्के मिलने की सूचना आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कथित तौर पर कुछ लोग सिक्कों को अपने साथ लेकर चले गए। बताया जा रहा है कि इस संबंध में प्रशासन या संबंधित विभागों को तत्काल सूचना नहीं दी गई।
सोमवार को सिक्कों की तस्वीरें और उनसे जुड़ी चर्चाएं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगीं। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई। राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी भी तथ्य जुटाने में लगे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर मामले को पुरातत्व विभाग के समक्ष भी भेजा जा सकता है। यदि बरामद सिक्के ऐतिहासिक महत्व के पाए जाते हैं तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा विस्तृत जांच कराई जा सकती है।
इधर गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि सिक्कों को अपने कब्जे में लेने वाले कुछ लोग प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका के चलते घर छोड़कर अन्य स्थानों पर चले गए हैं। हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की जांच जारी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर जमीन से निकले ये सिक्के वास्तव में कितने पुराने हैं और उनका ऐतिहासिक महत्व क्या है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी बरामदगी की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
यहां बताना चाहूंगा कि सिक्कों के मुगलकालीन होने, उनकी मात्रा तथा लोगों के फरार होने संबंधी दावे स्थानीय सूत्रों और वायरल जानकारी पर आधारित हैं। आधिकारिक जांच और विशेषज्ञ रिपोर्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
पत्रकारों की संगठन करेगा मजबूत कार्य एकता और सम्मान दोनों साथ साथ: कलम गिरवी…
कसया कुशीनगर । शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के अध्यक्ष जिला जज…
कुशीनगर। बिहार-उत्तर प्रदेश बॉर्डर से सटे कुशीनगर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ…
कुशीनगर। बिहार में शराबबंदी कानून को धता बताकर ई-रिक्शा में गुप्त तरीके से अवैध…