कुशीनगर। पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेश का पालन आमतौर पर तत्काल कराया जाता है, लेकिन जनपद कुशीनगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे के भीतर और आमजन के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
गत 26 जून को पुलिस अधीक्षक केशव कुमार द्वारा प्रशासनिक दृष्टि से 9 निरीक्षकों और 26 उप निरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया था। आदेश जारी होने के बाद स्थानांतरण सूची में शामिल लगभग सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। पुराने थानों से उनकी विधिवत रवानगी भी कर दी गई।
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच थाना कसया में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश यादव का मामला अलग नजर आ रहा है। स्थानांतरण आदेश के अनुसार उनकी तैनाती कोतवाली पडरौना की गई थी, किंतु आदेश जारी होने के करीब 20 दिन बाद भी न तो उनकी कसया थाने से रवानगी हुई और न ही उन्होंने कोतवाली पडरौना में आमद दर्ज कराई। वह अब भी कसया थाने में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
यही वजह है कि पुलिस विभाग के भीतर इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आमजन भी यह सवाल उठा रहे हैं कि जब स्थानांतरण सूची में शामिल अन्य सभी अधिकारियों ने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर लिया, तो आखिर एक अधिकारी को अब तक पुराने थाने में बनाए रखने की क्या वजह है? सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभागीय गलियारों में भी चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी सक्षम अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
अब सबकी निगाहें पुलिस विभाग पर टिकी हैं कि आखिर स्थानांतरण आदेश का अनुपालन कब तक कराया जाएगा और इस असामान्य स्थिति के पीछे वास्तविक कारण क्या है।
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