कसया/ कुशीगार । हसील क्षेत्र के जौरा बाजार में अमर उजाला फाउंडेशन और लेंसकार्ट फाउंडेशन बाल नेत्र जांच केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को निःशुल्क नेत्र स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ ने 70 लोगों की आंखों की जांच की और निशुल्क दवा एवं चश्मा का वितरण किया। इसके साथ ही कुछ को केंद्र में इलाज के लिए बुलाया गया।
शिविर में नेत्र विशेषज्ञ अलकमा कादिर ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों व युवक युवतियों की आंखों की जांच की गई। इसमें कई की आंखों में धूल चिपकी पाई गई। इसके साथ ही कुछ की आंखों में ज्यादा दिक्कत मिली है। इनमें से कुछ की आंखों में कुछ धुुंधलापन था। जिनका जांच कर दवा व चश्मा दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी लोग आंखों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें। आंखों में जरा सी भी दिक्कत आए तो केंद्र में आकर जरूर दिखाएं।
लेंसकार्ट फाउंडेशन की ओर से डाक्टर आयुषी Ayushi अग्रवाल ने कहा कि आंख शरीर का प्रमुख अंग है। समय-समय पर आंखों की सुरक्षा व बचाव के लिए लेंसकार्ट फाउंडेशन की तरफ से जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। पिछड़े गांवों के लोगों व बच्चों के लिए लेंसकार्ट फाउंडेशन लंबे समय से काम करता आ रहा है। मोतियाबिंद से बचाव के लिए आंख की जांच जरूरी है। सही समय पर अगर बच्चों के आंखों की जांच हो जाए व परीक्षण अधिकारी के सलाह पर चश्मा का प्रयोग हो जाए तो तीन महीने बाद उस बच्चे को चश्मे लगाने से छुटकारा मिल जाएगा। सिरदर्द होना, आंख में भारीपन होना,पढ़ने व लिखने के समय आंख में पानी का भरना आदि आंख में दोष होने के प्राथमिक लक्षण है। छोटी दिक्कत को पहचानें और केंद्र पर पहुंचकर आंख की जांच कराएं। चश्मा बनवाने के बाद उसका प्रयोग करना बहुत ही जरूरी है। इस दौरान मरीजों को निःशुल्क दवा का वितरण कर जरूरी सलाह भी दिया गया।
अध्यक्षता अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य हरिशंकर उपाध्याय व संचालन प्रभुनंदन उपाध्याय ने किया। इस मौके पर मनीष तिवारी,नीरज तिवारी,गुरुदत उपाध्याय, पारस सिंह, महेंद्र दुबे, देवानंद गिरी,विवेक उपाध्याय,आलोक उपाध्याय समेत गण्यमान्य लोग मौजूद थे।
सौ से अधिक में चश्मा वितरण
लेंसकार्ट फाउंडेशन की ओर से मंगलवा को आयोजित निशुल्क आंख परीक्षण में 70 मरीजों की आंखों का परीक्षण किया गया,उनमें से 50 को चश्मा वितरित किया गया। नेत्र परीक्षण के दौरान अधिकांश लोगों में मामूली शिकायतें मिली हैं। जिन्हें जरूरी सावधानी व परामर्श दिया गया है। नेत्र परीक्षण में दृष्टि दोष को देखते हुए 50 को चश्मा देकर उसके प्रयोग करने पर जोर दिया गया।
मरीजों की प्रतिक्रिया
बेहतर इलाज हुआसिर व आंख दर्द से पीड़ित मीना देवी ने बताया कि कई दिनों से अस्पताल जाने के लिए सोच रहा था। दो दिन पहले सूचना मिली कि शिविर लग रहा है तो यहां पर दिखाने आ गए। बेहतर तरीके से उनका इलाज हुआ और दवा भी दी गई।
शिविर लगा तो चला आया
आंख की समस्या से पीड़ित अंजली सिंह ने बताया कि काफी दिनों से उन्हें धुंधला दिखाई दे रहा था। अस्पताल नहीं जा पा रहा था, पता चला कि बाईपास पर शिविर लगा है तो चला आया। यहां पर चिकित्सकों ने उनके आंख की जांच कर दवा भी दी।
दवा से मिली राहत
आंख दिखाने आई किरन ने बताया कि आंख में दर्द रहता है। इसके साथ ही साफ दिखाई नहीं देता है। शिविर में दिखाने आया तो यहां पर चिकित्सकों ने आंख में कोई दवा डाली तो उससे काफी राहत मिली है। इस तरह के शिविर लगने चाहिए।
परेशानी हुई दूर
कृष्णावती कुशवाहा ने बताया कि आंख में दर्द व पानी आता है। कुछ दर्द बना रहता है, शिविर की सूचना मिली तो आंख दिखाने आई। इसके बाद डॉक्टर ने आंख की जांच की है और दवा दी। एक निश्चित अंतराल के बाद फिर आंख दिखाने की सलाह दी है।
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