कसया/कुशीनगर। नगर पालिका परिषद कुशीनगर क्षेत्र के गोपाल गढ़ महूअवा में बसंत कालीन गन्ना गोष्ठी का आयोजन कर किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती की जानकारी दी गई। साथ ही गन्ने के साथ सहफसली खेती के प्रति जागरूक किया गया। उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि गन्ना की फसल सूखने से बचाने के लिए 50% अर्ली प्रजाति व 50% सामान्य प्रजाति की बुवाई किसान करें। गन्ना प्रजातियों का संतुलन ना होने से जिले में हजारों हेक्टेयर गन्ना सूख गया। उन्होंने अधिक उपज देने वाली गन्ना प्रजाति कोशा 12235 कोलख 14201 कोसा 9232, कोसे 8452, 11453, 13452 आदि की बुआई करने की अपील की। गन्ने की जो प्रजाति सूख गई है उसकी बुवाई न करें। फरवरी माह में बोई जाने वाली गन्ने के साथ किसान प्याज, कद्दू, भिंडी, मूंग आदि की खेती करें। जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। गोष्टी में कसया गन्ना समिति के सचिव मुन्नी सिंह ने बताया कि किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान 22 जनवरी तक कर दिया गया है। यह भी बताया कि पौधशाला से गन्ना बीज लेने पर ₹50 प्रति कुंतल अनुदान दिया जाएगा। किसानों ने सामान्य गन्ने के बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की। इस दौरान कृष्णा शंकर गुप्ता, जितेंद्र, महंती सिंह, पटवारी, राजमन, विनोद सिंह, रामप्रवेश आदि मौजूद रहे।
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