खड्डा/कुशीनगर। गण्डक नदी में आयी बांढ के कारण जलमग्न हुए सालिकपुर व महदेवा गांव के लोग सालिकपुर पुलिस चौकी के समीप बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं। प्रशासन बाढ़ पीडित को भोजन पानी करा रहा है। नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।
शुक्रवार को बाल्मीकी गण्डक बैराज से 4 लाख 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दियारा के हरिहरपुर, नरायनपुर, शिवपुर, बसंतपुर, बालगोविंद छपरा, शाहपुर सहित सालिकपुर व महदेवा गांव में बाढ़ का पानी गांव में घुस गया था। प्रभावित गांवों के लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेकर जीवन वसर कर रहे हैं। शुक्रवार से ही एसडीएम अरविंद कुमार, तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, नायब तहसीलदार रवि यादव प्रभावित गांवों के लोगों के लिए भोजन पानी का इंतजाम कर रहे हैं। शनिवार को सालिकपुर पुलिस चौकी पर बने बाढ़ शरणालय में तीन बच्चों को बुखार की शिकायत पर एसडीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को इलाज करने को निर्देशित किया। रुक- रुक कर हो रही बारिश के बीच शरणार्थियों को कैम्पों में गुजारा करना पड़ रहा है। बाढ़ से सेमरा लबेदहा पंचायत के कांटी टोला के दस घर कटकर नदी की धारा में विलिन हो गये हैं। इन घरों के लोगों को पंचायत मुखिया मनोरमा देवी पत्नी छेदीलाल ने सालिकपुर के समीप शरण दिलवा कर भोजन पानी का इंतजाम कराया है। प्रभारी निरीक्षक आर.के यादव भी पुलिस टीम के साथ बाढ़ पीडितों के सहयोग में जुटे हैं। इस दौरान कानूनी लालजी, लेखपाल बृजनारायण सिंह, कां. रामगोपाल यादव, कां. रोहित यादव सहित पुलिस राजस्व, पंचायत विभाग सहित बाढ़ खण्ड के अधिकारी मुश्तैद दिखे।
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