खड्डा/कुशीनगर। यूपी से सटे बगहा के हरहा नदी में बनारस के गंगा नदी के बाद साऊथ अमेरिका में पाए जाने वाली सकरमाउथ कैटफिश मछली ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। पर्यावरण विज्ञानी इसे पानी के जीवजंतुओं के लिए खतरा मान रहे हैं।
बगहा के बनचहरी गांव के समीप हरहा नदी में मछली मारने के दरमियान मछुआरे के जाल में एक मछली फंसी गई।अजीबोगरीब मछली मिलने के बाद मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गयी। वीटीआर के साथ काम करने वाले संस्था डब्ल्यूटीआई और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इस मछली को देखकर हैरत में है। नदी के सामने एक नया संकट मछली के रूप में आया जो यहां हजारों किलोमीटर दूर दक्षिण अमेरिका की अमेज़न नदी में पाई जाती है। मछली का नाम सकर्माउथ कैटफिश है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एरिया कोऑर्डिनेटर कमलेश मौर्या ने बताया कि यह चिंता का विषय है। क्योंकि यह मछली मांसाहारी है। यहां की नदियों के लिए यह खतरनाक है। मछली हरहा नदी में मिली है । लेकिन इसका घर भारत की नदियां नहीं बल्कि यहां से हजारों किलोमीटर दूर अमेरिका की अमेज़न नदी में है । बावजूद मछुआरों के जाल में फंस कर इसमें इस बात की ताकीद कर दी थी । अब इसका स्थानीय नदियों में भी मिलने की पुष्टि हुई है। पर्यावरण से जुड़े लोग इसपर चिंता जता रहे हैं।डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एरिया कोऑर्डिनेटर कमलेश मौर्य और डब्ल्यूटीआई के सुब्रत लेहरा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह मछली मांसाहारी है और अपने इकोसिस्टम के लिए खतरा भी है। अजीब से मुंह वाली मछली साउथ अमेरिका के अमेजॉन नदी में हजारों किलोमीटर दूर पाई जाती है। इन लोगो ने दावा किया है कि स्थानीय नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र का यह मछली विनाश कर सकती है।
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