खड्डा/कुशीनगर (न्यूज अड्डा)। बारिश के थमने व बाल्मीकी गण्डक बैराज से शुक्रवार को 1 लाख 83 हजार पानी का डिस्चार्ज होने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग जन- जीवन सामान्य करने के जुगत में जुट गये हैं। आवागमन के लिए प्रमुख शिवपुर-नौरगियां मार्ग के रोहुआ नाले पर तीन से चार फीट पानी अभी बह रहा है। आने जाने के लिए सुगम मार्ग न होने से प्रशासन उन गांवों में बाढ़ राहत सामग्री नहीं भेज पा रही है। राहत व बचाव कार्य में नायब तहसीलदार रवि यादव पिछले शुक्रवार से ही कैम्प व निगरानी में जुटे हैं।
रेता क्षेत्र के शिवपुर, बसन्तपुर, नरायनपुर, हरिहरपुर, मरिचहवा, बालगोविंद छपरा, बकुलादह में बाढ़ का पानी तबाही मचा दिया था। लोग मवेशियों व परिवार के लोगों संग सुरक्षित स्थान पर चले गये। प्रशासन की देख- रेख में अभी भी इन गांवों में भोजन पानी का प्रवंध किया गया है। अभी भी नीचले इलाकों में पानी जमा हुआ है। जगह- जगह पानी के दबाव के कारण सड़क व मार्ग टूटकर छतिग्रस्त हो गये हैं। बाढ़ का पानी घरों व आसपास से निकलने के बाद जीव- जन्तुओं के मरने से सड़न व दुर्गंध फैलने से बीमारियों के फैलने की आशंका है। नायब तहसीलदार रवि यादव पिछले शुक्रवार से ही प्रभावितों के बीच मौजूद रहकर राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। इस सम्बंध में नायब तहसीलदार रवि यादव ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा प्रभावितों की सूची सर्वे कर तैयार कर ली गई है। आने- जाने के मार्ग सही हो जाने पर बाढ़ राहत सामग्री वितरित कर दी जाएगी। एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि दियारा के आधा दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित रहे हैं। बाढ प्रभावित लोगों में वितरण की कवायद चल रही है। सड़क मार्ग सुलभ होते ही वितरण प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाएगा।
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