कुशीनगर। बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के तत्वावधान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा निरूद्ध कैदियों की रिहाई हेतु जिला कारागार देवरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ऐसे निरूद्ध बंदी जो दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 436(ए) दं0प्र0सं0 से आच्छादित हैं तथा पूर्ण सजा के सापेक्ष आधी सजा से अधिक अवधि व्यतीत कर चुके हैं उससे संबंधित बंदियों के मामलों की सूची अधीक्षक जिला कारागार देवरिया द्वारा प्रस्तुत की गयी हैं जिनके रिहाई के संदर्भ में वार्ता की गयी किन्तु उनके अन्य गंभीर मामलें न्यायालय में विचाराधीन हैं या आजीवन कारावास से दंडित होकर सजा भुगत रहे हैं।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा निर्देशित किया गया कि जो भी बंदी उक्त निर्देशों के अनुरूप रिहाई के पात्रता के अन्तर्गत आते हैं उनके नियमानुसार रिहाई की कार्यवाही की जाये। उन्होंने पाकशाला तथा बैरकों का निरीक्षण किया तथा निरंतर स्वच्छता बनाये रखने हेतु निर्देशित किया। सचिव द्वारा धारा 436 (ए) दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं ऐसे बन्दी जिनकी जमानत मा0न्यायालय से हो चुकी है परन्तु जमानतदार के अभाव में कारागार में निरूद्व है उनके के अन्तर्गत प्राप्त प्रार्थना पत्र पर चर्चा कर उसके संबंध में अधीक्षक जिला कारागार देवरिया को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया, उनके द्वारा ऐसे विचाराधीन बंदियों जिनके विरूद्ध अधिकतम 07 वर्ष के दण्डादेश संबंधित अपराधिक विचारण लम्बित हैं और वे कारागार में निरूद्ध हैं, से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श किया गया तथा जिला कारागार में निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना गया जिसमें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार उपलब्ध कराने, नियमित रूप से बंदियों के लिए दवा उपलब्ध कराने महिला कैदियों के साथ रह रहें उनके छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने हेतु निर्देशित किया गया। डिप्टी जेलर वंदना त्रिपाठी एवं स्थायी लोक अदालत की सदस्य दीपाली सिन्हा के साथ महिला बैरक में जाकर महिला बंदियों से उनकी समस्या सुना गया और उनके बैरक में सफाई की सुविधा, खानपान, दवाई आदि की जानकारी ली गई और उनके मनोवैज्ञानिक मामलों को समझने के लिए महिला कैदियों से वार्ता की गई।
सचिव द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों की समस्याओं की सुनवाई सुनिश्चित करते हुये जेल के बंदियों को विधिक सहायता, स्वच्छता पर जोर देते हुये कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समस्त बंदियों के विधिक सहायता/विधिक साक्षरता प्रदान करने हेतु सदैव तत्पर हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से जिला कारागार अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला, जेलर राजकुमार वर्मा, डिप्टी जेलर मोतीलाल वर्मा, डिप्टी जेलर शिवनाथ पाण्डेय, डिप्टी जेलर आदित्य कुमार, कारागार चिकित्साधिकारी डा० राहुल त्रिपाठी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय लिपिक प्रदीप कुमार झा उपस्थित रहें।
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