रामकोला/ कुशीनगर (न्यूज अड्डा)। असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजयादशमी को परपंरागत ढंग से मनाया गया। इस मौके पर शस्त्रों का भी पूजन किया गया, लेकिन आस्था के इस पर्व पर अनुमति के अभाव क्षेत्र में कहीं भी रावण दहन नहीं हुआ।
इस पर्व पर क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में सुुुुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। क्षत्रिय समाज के लोगों ने घरों में रखी तलवारों तथा लाइसेंसी शस्त्रों में कलावे बांधे और उनकी पूजा की।शाम होते ही नगर में रखी गयी मूर्तियों के दर्शनार्थियों की भीड़ लगनी शुरू हो गयी।भीड़ में अराजकता न फैले इसके लिए पुलिस भी लगातार सायरन के साथ गश्त करती नजर आयी। कोरोना की वजह से दशकों से होते आ रहे कार्यक्रम पर पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रहण लग गया।इस बार भी विजयादशमी पर्व पर नाही प्रभु श्रीराम की झांकी निकली और नाही रावण, मेघनाथ व कुंभकरण आदि के पुतले जलाए गए और नाही रामलीला का मंचन हुआ।
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