Kushinagar News/कुशीनगर। बिहार में शराबबंदी है यहां शराब पीना पिलाना, बनाना और बेचना कानूनन जुर्म है. इसके बाद भी बिहार में शराब तस्करी के लिए तस्कर आमादा है. तस्कर शराब रोज नए-नए तरीके अपनाकर तस्करी की उत्तर प्रदेश से बिहार में शराब तस्करी कोशिश का प्रयास करते है. कभी एंबुलेंस में तो कभी, शव वाहन में, फल, सब्जी, दूध और तेल की गाड़ी में शराब तस्करी का मामला सामने आ चूका है. इतना ही नहीं कचरा गाड़ी, कबाड़ की गाड़ी और शौचालय सफाई की टंकी में भी शराब की तस्करी करने का प्रयत्न करते है. अब लक्ज़री कारों में तहखाना बनाकर शराब तस्करी का मामला सामने आया है.
कुशीनगर के रेलवे फाटक खड्डा रोड के पास से आईपीएस धवल जायसवाल की अगवाई वाली कुशीनगर पुलिस की करवाई में 04 लक्ज़री कारों में तहखाना बनाकर कर तस्करी की जा रही 24 बोतल व 977 फ्रुटी पाउच अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद किया गया है. शराब से भरी इन कारों में बनाए गए तहखाने में छुपाकर तस्कर कुशीनगर से होते हुए शराब को बिहार ले जाने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
लक्जरी कार में तहखाना:कुशीनगर पुलिस अधीक्षक आईपीएस धवल जायसवाल का अपराधियों के लिए अपने कार्यकाल से शुरुवात से खुला संदेश है की वह जिले में किसी भी प्रकार का अबैध कारोबार नहीं होने देंगे और उनके अगुवाई में कुशीनगर पुलिस उनके इस संदेश को बाखुबी कार्यवाहियों के जरिये जनता के बिच सबकित कर रही है इस क्रम में पडरौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार शुक्ला ने अपने टीम के साथ रेलवे फाटक खड्डा रोड के पास से 04 अलग- अलग कारो के अन्दर छुपाकर ले जायी जा रही कुल 977 फ्रुटी पाउच (94 पाउच 8PM, 883 पाउच OFFICERS CHOISE) अंग्रेजी शराब (180 एमएल) तथा 24 शीशी ROYAL STAGE (750 एमएल) अग्रेजी शराब बरामद किया गया तथा मौके से कुल 4 लोगो को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की है। अब पुलिस द्वारा बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर अग्रिम आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
आपको बता दे पुलिस के गिरफ्त में आये आरोपियों की पहचान बिहार के मोतिहारी जिला निवासी विट्टू कुमार पुत्र दिनेश कुमार मिश्र साकिन महारानी थाना पिपरा, राजन कुमार पुत्र रामचन्द्र राय साकिन घरमुहा थाना पिपरा कोठि, विरेन्द्र कुमार पुत्र स्व0 रामेश्वर साह साकिन दयाछपरा थाना चकियातथा प्रमोद कुमार पुत्र रामचन्द्र राय साकिन मथुरा पुरा मठगोपाल थाना पिपरा कोठि के रूप में हुई है.