पडरौना/कुशीनगर (न्यूज अड्डा)।सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बचाने हेतु चलाये जा रहे योजनाओं के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के कुपोषित बच्चो को आगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले दाल व रिफायन तेल भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया है । अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही यह योजना भी सफेदफोशो के सह पर भ्रष्टाचार का भेट चढ़ता नजर आता है।
बाल विकास परियोजना नेबुआ नौरंगिया के अन्तर्गत 254 आगनबाड़ी केन्द्र 33 मिनी आगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से प्रत्येक गांवो मे 7 माह से 6 बर्ष के बच्चो ,गर्भवती महिलाओं मे एक किलो दाल व एक किलो रिफायन तेल और विकास खंड के विभिन्न गांवो मे चिन्हित तीन सौ अठहत्तर चिन्हित कुपोषित बच्चो को दो किलो दाल व दो पैकेट रिफायन बितरण करने का फरमान है। परन्तु भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि 6 बर्ष के बच्चो व गर्भवती महिलाओं मे आधा किलो दाल तो मिल रहा है लेकिन रिफायन तेल का बितरण शून्य है।
कुपोषित बच्चो मे मानक के बिपरित एक किलो दाल व एक किलो रिफायन तेल देकर योजना की धज्जियां उड़ायी जा रही है। तमाम ग्राम सभाओ मे दाल व रिफायन तेल बितरण के वावत जानकारी करने पर कार्रवाई के डर से नाम न छापने के शर्त पर आगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि बाल विकास केन्द्र से उठान के समय ही दाल व रिफायन मे कटौती कर ली जाती है। जिसके चलते पात्रो मे वितरण के समय हम लोगो को परेशानी होती है। इन सभी बिन्दुओ पर ठीक से जांच हो तो दाल व रिफायन के भ्रष्टाचार मे तमाम लोगों की भूमिका नजर आएगी।
इस सम्बंध मे प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी सीता सिंह ने बताया कि मेरे वहा कोई कटौती नही की जाती है।
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