हाटा/कुशीनगर । समाजिक सदभाव व शांति तथा आपसी भाईचारा के लिए प्रवचन कथा जरूरी है। प्रवचन कथा श्रवण से कष्ट दूर होते हैं। ईश्वर को पाने के लिए सिर्फ मंदिर में भटकने की जरूरत नहीं है। वो तो सभी जगह विराजमान हैं। प्रवचन कथा श्रवण से सत्कर्म करने की प्रेरणा मिलती है।
ये बातें हाटा ब्लॉक के का मुंडेरा उपाध्याय में नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दूसरे दिन देवरिया के प्रवचन कर्ता प्रियंका द्विवेदी ने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं को बताई। उन्होंने बताया कि भगवान को पाने के लिए मन और चरित को भगवान के चरणों में समर्पित करना होगा। कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। कथा सुनने से मन को शांति मिलती है। पीड़ा से मुक्ति मिलती है एवं सच्चे सुख का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा समाज में प्रेम की संदेश देता है। कलयुग में कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है। कर्म को सबसे बड़े धर्म की संज्ञा दी गई है। भगवान शंकर ने कर्म फल दायक को संरक्षित कर रखा ।
इस जीवन में अच्छे कर्म कर प्राणी हमेशा के लिए जन्म मृत्यु से मुक्ति पाकर परमधाम को प्राप्त कर सकता है। काम क्रोध लोभ मोह का त्याग कर ईश्वर की ओर ध्यान देना चाहिए।
पडरौना, कुशीनगर। हौसले बुलंद हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो सफलता कदम…
कुशीनगर। जनपद के गोरखपुर–कप्तानगंज–थावे रेल मार्ग पर सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया,…
हाटा(कुशीनगर) । स्थानीय कोतवाली अंतर्गत एक मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला प्रकाश…
वर्तमान सत्र में कुल 133 दिन चली गन्ना फैक्ट्री, 29.77 लाख कुंतल गन्ने की…