तुर्कपट्टी/कुशीनगर। महाशिवरात्रि पर्व की महिमा और इसके धार्मिक महत्व पर एक विशेष प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रख्यात भागवताचार्य पं. विनय राघव दास जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त किए।
पं. विनय राघव दास जी महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक है। इस दिन शिव भक्त व्रत, उपवास और रात्रि जागरण करके भगवान शिव की आराधना करते हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, ध्यान और साधना का भी उत्तम अवसर है।
महाराज जी ने इस अवसर पर भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा, “भोलेनाथ की उपासना से साधक को शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि का व्रत जीवन में सकारात्मकता का संचार करता है और व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश करता है।”
प्रेसवार्ता में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में पं. विनय राघव दास जी महाराज ने सभी से आग्रह किया कि वे महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करें और अपने जीवन को धर्म, अध्यात्म और सत्कर्म की राह पर अग्रसर करें।
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