रामकोला/कुशीनगर। मौसम के बदलते मिजाज और एकाएक बारिश आने से रामकोला क्षेत्र का किसान तीन वर्ष से फसलों की बर्बादी को झेल रहा है।घर गृहस्थी और पढ़ाई-लिखाई को लेकर किसान चिन्तित एवं परेशान है, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।किसान प्रकृति की मार से उबरने के लिए हिम्मत जुटा रहा है कि मौसम दगा दे जा रही है।
बुधवार को तेज बारिश के साथ ओले पड़ने से किसानों की चिन्ता बढ़ गयी है। अधिकांश किसानों ने फसल बुवाई के दौरान बारिश आ जाने के कारण सरसों की बुवाई देरी से किया था।बुधवार को बारिश व ओले की वजह से सरसों की फसल गिर गई है और सरसों की फसलें बर्बाद हो गयी है।
रामकोला क्षेत्र के किसानों ने बताया कि भारी जलजमाव के चलते तीन वर्ष से गन्ने की फसल बर्बाद हो रही है।बचें -खुचे फसल को खेतों से खाली कराकर जब बोने की तैयारी किया जा रहा है तो बेमौसम बरसात का मार पड़ जा रही है।इससे निचले क्षेत्र में खेती करने वाले किसान काफी प्रभावित है।वह चिन्तित एवं परेशान है कि अपना दुखड़ा किसको सुनाये।
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