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सलेमगढ़ में हादसे के बाद खाकी बनी कांवड़ियों का सहारा, थानाध्यक्ष ने संभाली कमान

Surendra nath Dwivedi

Reported By:

Aug 19, 2026  |  2:55 PM

1,076 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
सलेमगढ़ में हादसे के बाद खाकी बनी कांवड़ियों का सहारा, थानाध्यक्ष ने संभाली कमान WhatsApp
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कुशीनगर। बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर से दर्शन कर अपने घर चौरीचौरा, गोरखपुर लौट रहे कांवड़ियों से भरी बस बुधवार दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सलेमगढ़ में हादसे का शिकार हो गई। नव निर्मित ओवरब्रिज के सर्विस रोड पर बने वन-वे कट के पास ब्रेकर पर आगे चल रहे ट्रैकर से बस की पीछे से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में सवार पांच कांवड़ यात्रियों को मामूली चोटें आईं। गनीमत रही कि हादसा बड़ा रूप नहीं ले सका और सभी कांवड़ यात्री सुरक्षित रहे।

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घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष तरयासुजान नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। कांस्टेबल राधेश्याम यादव, कर्मबीर सिंह, मुकेश सिंह, हेड कांस्टेबल पारस कुमार, कांस्टेबल उपेंद्र यादव, विजय मणि त्रिपाठी और प्रदीप कुमार समेत पुलिसकर्मियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया।
पुलिस टीम ने सबसे पहले घायलों को संभाला और उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। पुलिस की तत्परता से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल नियंत्रित हुआ और कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित किया गया।

बता दे कि बस हुई क्षतिग्रस्त तो पुलिस ने कराया दूसरी बस का इंतजाम। हादसे में बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण कांवड़ यात्रियों के सामने अपने घर पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई। ऐसे में तरयासुजान पुलिस ने केवल राहत और उपचार तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कराई।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी कांवड़ यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य चौरीचौरा, गोरखपुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी यात्रियों के साथ खड़े रहे और उनकी सुरक्षित रवानगी सुनिश्चित की। हादसे में राहत की बात—सभी कांवड़ यात्री सुरक्षित हादसे में पांच यात्रियों को हल्की-फुल्की चोटें आईं, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते पुलिस के पहुंचने और तत्परता से राहत कार्य शुरू करने के कारण स्थिति को संभाल लिया गया।

तरयासुजान पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील रवैये की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की। वहीं, कांवड़ यात्रियों ने भी पुलिस टीम और विशेष रूप से थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव के प्रति आभार जताते हुए उन्हें साधुवाद दिया।

हादसे के बीच खाकी का यह मानवीय चेहरा चर्चा का विषय बना रहा—पुलिस ने सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं संभाली, बल्कि संकट में फंसे कांवड़ियों को अपना समझकर उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाई।

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