रामकोला/कुशीनगर। रविवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए सोलह श्रृंगार में सज-धजकर पूजा-पाठ और रात में छलनी (चलनी) से सुहाग का चांद देखने के बाद करवा चौथ व्रत का समापन की।रामकोला नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही सौंदर्य चरम पर नजर आया तथा व्रतधारी महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु व उनके प्यार और विश्वास की डोर की मजबूती के लिए भगवान शिव और माता पार्वती एवं भगवान गणेश ,कार्तिकेय से कामना की और कथा सुनी।तत्पश्चात कुछ पारंपरिक रस्में निभाई।
हिंदू पंचांग के अनुसार करवा चौथ व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल करवा चौथ व्रत 20 अक्तूबर 2024 रविवार को पड़ा। सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रख भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्रीगणेश, चंद्र देव व कार्तिकेय भगवान की पूजा का पूरे विधान करती है। करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना गया है। इस व्रत में स्त्रियां पूरे दिन निर्जला व निराहार रहती हैं और चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत पारण करती हैं।
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