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उत्सव’ न लगे तो उसे महोत्सव कहना भी बेईमानी होगी…. गोरखपुर महोत्सव

न्यूज अड्डा डेस्क गोरखपुर

Reported By:

Jan 12, 2026  |  10:55 AM

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उत्सव’ न लगे तो उसे महोत्सव कहना भी बेईमानी होगी…. गोरखपुर महोत्सव

‘उत्सव’ न लगे तो उसे महोत्सव कहना भी बेईमानी होगी… और गोरखपुर महोत्सव इस कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता है।

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गोरखपुर महोत्सव की आज औपचारिक शुरुआत के साथ ही पूरा शहर रोशनी, रंग और उल्लास से सराबोर नजर आया। पहले दिन ही महोत्सव स्थल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने यह साफ कर दिया कि यह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहर की सामूहिक खुशी और पहचान का उत्सव बन चुका है।

महोत्सव के पहले दिन कृषि प्रदर्शन और विज्ञान प्रदर्शनी खास आकर्षण का केंद्र रहीं। कृषि प्रदर्शनी में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी दी गई। वहीं विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों और युवाओं की जिज्ञासा देखते ही बन रही थी। हर स्टॉल पर प्रयोग, मॉडल और वैज्ञानिक सोच को करीब से समझने की कोशिश साफ झलक रही थी। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि महोत्सव मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान और जागरूकता का भी मजबूत मंच है।

शाम ढलते-ढलते माहौल और ज्यादा जीवंत हो गया। सांस्कृतिक संध्या में आज दो कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। संगीत, रोशनी और तालियों की गूंज के बीच महोत्सव स्थल पूरी तरह उत्सव में बदल गया। दर्शकों में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—हर वर्ग की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।

 

आज के कार्यक्रमों में लोकप्रिय गायक वरुण जैन और भोजपुरी लोक-सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने श्रोताओं को लंबे समय तक बांधे रखा। वहीं आने वाले दिनों में महोत्सव के मंच पर पवन सिंह, मैथिली ठाकुर जैसे बड़े नामों की प्रस्तुति प्रस्तावित है, जिससे महोत्सव की रौनक और बढ़ने वाली है।

 

महोत्सव के दौरान गोरखपुर पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल के भीतर और बाहर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था और लगातार पेट्रोलिंग से यह सुनिश्चित किया गया है कि लोग बिना किसी चिंता के महोत्सव का आनंद ले सकें। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी प्रशासन की खास नजर रही।

 

  • कुल मिलाकर, गोरखपुर महोत्सव का पहला दिन यह संदेश देता है कि यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह संस्कृति, कृषि, विज्ञान, कला और सुरक्षा का संतुलित संगम है, जहां शहर अपनी पहचान को उत्सव के रूप में जी रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ेंगे, गोरखपुर महोत्सव शहर के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होता जाएगा।
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