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Final Year Exam: नहीं हुआ सिलेबस पूरा, कैसे होगी परीक्षा? छात्रों की बढ़ी चिंता

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Aug 15, 2020  |  12:39 PM

736 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
Final Year Exam: नहीं हुआ सिलेबस पूरा, कैसे होगी परीक्षा? छात्रों की बढ़ी चिंता WhatsApp
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फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर छात्र परेशान हैं. छात्रों का कहना है कि कोरोना संकट के बीच परीक्षा नहीं होनी चाहिए. वहीं इस मामले पर 18 अगस्त को एक बार फिर से कोर्ट सुनवाई करेगा.
देश भर के तमाम विश्वविद्यालयों में फाइनल ईयर के एग्जाम्स होने बाकी हैं. यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने पहले कहा था कि अगर लॉकडाउन की अवध‍ि आगे बढ़ी तो परीक्षाएं कैंसिल कराई जा सकती हैं. लेकिन बाद में संशोधि‍त गाइडलाइन जारी करके कहा कि परीक्षाएं सितंबर माह में होंगी. यूजीसी के इस फैसले के ख‍िलाफ 31 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन यूजीसी का इस पर रुख बदलने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं छात्र मांग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द कर दी जाए, लेकिन एक महीना होने को आया है जिसपर यूजीसी ने कोई जवाब नहीं दिया है.
छात्रों ने कहा, हमने हर संभव प्रयास किए. PMO में शिकायतें दर्ज की हैं. ट्विटर ट्रेंड किए हैं. शिक्षा मंत्रालय को भी पत्र लिखे लेकिन कोई जवाब नहीं आया. जिसके बाद हमने भारत के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.

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न्यायालय में हमने यूजीसी के 6 जुलाई के दिशानिर्देशों को चुनौती देते हुए, परीक्षाएं रद्द करने व छात्रों को पिछले वर्षों में प्रदर्शन के आधार पर अंक देकर डिग्री प्रदान करने की मांग की है.

छात्रों ने बताया हमारे केस की पहली सुनवाई 24 जुलाई को हुई थी. जिसके बाद मामला पहली बार स्थगित किया गया था. इसके बाद 27 जुलाई को अन्य पीठ द्वारा सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया. अभी पिछली सुनवाई 14 अगस्त को हुई है और फिर मामले को सुनने के लिए न्यायालय ने 18 अगस्त की तारीख तय की है.
न्यायालय में मामला लंबा खिंचता जा रहा है. वहीं यूनिवर्सिटी कोरोना मामले को नजरअंदाज करते हुए हमारी जिंदगी से खेल रही है और मनमाने तरीके से परीक्षाएं आयोजित करवा रही है.
छात्रों का कहना है, हमारा कॉलेज होली की छुट्टियों के समय ही बंद हो गया था. वहीं 20 से 30 प्रतिशत सिलेबस अभी पूरा नहीं हुआ है. ऐसे में हम बिना पढ़े परीक्षा कैसे दे सकते हैं.

वहीं अगर ऑनलाइन एजुकेशन की बात की जाए तो सभी कोर्सेज की सामग्री ऑनलाइन नहीं मिलती है. कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स के ऑनलाइन लेक्चर मिल जाते हैं, लेकिन बाकी कोर्स जैसे B.A, B.COM, B.sc जैसे कोर्सेज का कोई स्टडी मटीरियल उपलब्ध नहीं है.

छात्रों ने कहा, ऑनलाइन परीक्षा में इंटरनेट कनेक्शन और बिजली एक समस्या है. जहां इंटरनेट मौजूद है वहां कनेक्शन मजबूत नहीं है. साथ ही भारत में कुछ ही प्रतिशत छात्रों के पास लैपटॉप है. वहीं अगर हम ऑफलाइन परीक्षा देते हैं संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.

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