खड्डा, कुशीनगर। तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवाओं के बीच गंडक नदी उफान पर है। शनिवार शाम पांच बजे बाल्मीकि गंडक बैराज से करीब 3 लाख 400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद खड्डा क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा गया। शाहपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर, मरचहवा, नारायनपुर, सालिकपुर और महदेवा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। रास्तों और घरों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है, वहीं मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
बढ़ते जलस्तर से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर मुस्तैद है और प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
विधायक विवेकानंद पाण्डेय ने महदेवा पहुंचकर संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों का हाल जाना और प्रशासन को राहत एवं सुरक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से कहा कि इस प्राकृतिक विपदा में पूरी तरह उनके साथ हैं।वहीं शनिवार को कुशीनगर के एडीएम पवन कुमार ने एसडीएम संतराज सिंह बघेल, क्षेत्राधिकारी खड्डा और राजस्वकर्मी एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ मदनपुर के ठोकर संख्या 3, नदी के तटबंधों सहित महदेवा गांव का दौरा कर कम्यूनिटी किचन और बाढ़ शरणालयों की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
फिलहाल गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इस सीजन का सर्वाधिक डिस्चार्ज छोड़े जाने से महराजगंज के सीमावर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
खड्डा। नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए…
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