हाटा/कुशीनगर। विकास खण्ड मोतीचक के ग्राम पंचायत खोखिया मे आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस दिनांक 25 मार्च 2022 दिन शुक्रवार को भीष्म प्रसंग की कथा को सुनाते हुए कथाबाचक पं०रामशंकर दास शास्त्री ने कहा कि भीष्म पितामह जी ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा की अगर मैं महाभारत के युद्ध में आपको शस्त्र उठाने के लिए मजबूर न कर दूं तो मै शान्तनु गंगा पुत्र न कहाऊं।
भगवान हसने लगें क्योंकि भगवान को तो पता था कि मैं भक्त के अधीन रहने वाला हूं।भक्त जो चाहता है मैं वहीं करता हूं और महाभारत में युद्ध के सोलहवें दिन भीष्म पितामह ने भगवान को शस्त्र उठाने के लिए मजबूर कर ही दिया।श्रीशास्त्री जी ने आगे कहा कि भक्त और परमात्मा से अगर प्रेम हो तो परमात्मा भक्त को कहीं भी मिल जाते है।इसके लिए स्थान(जगह)महत्व नहीं रखता महत्व अपना भाव रखता है। इस कथा के मुख्य यजमान नागेन्द्र शुक्ल व असरफा देवी शुक्ला है।
इस अवसर पर उत्तम शुक्ल, मार्कण्डेय, श्रीप्रकाश, आद्या, प्रमोद, सच्चिदानंद, अखिलानंद, अजीत, संपूर्णानंद, पंकज, पियूष, कामेश्वर, सुयश, सुधा शुक्ला, रुक्मिणी, पूजा, प्रवीणा, आशा किरण कुमकुम द्रोपदी बिंदु रामजी सिंह, छोटेलाल, हरिश्चंद्र सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
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